कड़ाके की ठंड के बाद भी शहर वासियों को बिजली रुला रही है। बिजली का आने-जाने का कोई समय नहीं है। अघोषित बिजली की कटौती से शहरवासी बेहाल हैं। शनिवार को भी शहर में बिजली का आने-जाने का क्रम जारी रहा। रात करीब साढ़े 11 बजे गुल हुई बिजली रात करीब ढाई बजे आई। सुबह सात बजे फिर गुल हो गई। इससे घरों में मोटर न चलने से पेयजल का संकट आ गया। बिजली की अघोषित कटौती व आवाजाही से परेशान व्यापारियों ने रविवार को व्यापार मंडल के जिला महामंत्री सुनील कुमार वर्मा के प्रतिष्ठान पर बैठक की। बैठक मेें जिलाध्यक्ष निजामुद्दीन अंसारी ने कहा कि शहर में बिजली आने और जाने का कोई निर्धारित समय नहीं है। अंधाधुंध बिजली कटौती का खामियाजा सभी वर्गों को उठाना पड़ रहा है। खासकर इससे व्यापारिक वर्ग सबसे ज्यादा पीड़ित है। कहा कि सुबह छह से आठ बजे तक, दोपहर 12 से दो बजे तक और शाम छह बजे से आठ बजे तक कटौती कर शेष बचे समय में बिजली दी जानी चाहिए। शेड्यूल के मुताबिक बिजली सप्लाई न मिलने पर आंदोलन करने का निर्णय लिया गया।
जिला महामंत्री सुनील कुमार वर्मा ने जिला प्रशासन से स्टेशन और जेपी रोड पर एक-एक शौचालय निर्माण कराने की मांग की। कुछ व्यापारियों ने पुराने तहसील परिसर में शौचालय बनाने की बात कही। बैठक में नगराध्यक्ष संजय पांडेय, नगर महामंत्री राजेश कश्यप, राशिद नूर, कौसर जावेद, मोहम्मद शकील, ओमप्रकाश लोधी, काके सिंह, नवीन शर्मा, रईस खां, शांतुन कंचन, भीमसेन दोहरे, वीरेंद्र राजानी, मोहम्मद आसिफ, अरुण दास चंचल मौजूद रहे।