जिला अस्पताल में बिजली किल्लत को देखते हुए चौबीस घंटे बिजली सप्लाई मुहैया कराने के लिए स्वतंत्र फीडर की कवायद शुरू की गई थी। महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं अक्टूबर 2013 में स्वतंत्र फीडर की स्थापना को 2.17 करोड़ रुपये मध्याचंल विद्युत वितरण निगम को आवंटित भी कर दिए थे। इसके तहत रूपपुर कमालू सब स्टेशन से जिला अस्पताल तक हाईटेंशन बिजली लाइन डालकर 400 केवीए के दो ट्रांसफार्मर जिला अस्पताल में लगने थे। धनराशि मिलने पर मुख्य अभियंता बिजली ने अधिशासी अभियंता को पत्र भेजकर स्वतंत्र फीडर की स्थापना कराने के बारे में जानकारी दी थी, लेकिन उस दौरान इस पर कोई तवज्जो नहीं दी गई। इसको लेकर सीएमएस डा. आरसी शर्मा ने पिछले माह अधिशासी अभियंता को कई बार पत्र भी लिखे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बिजली विभाग की हीलाहवाली के चलते स्वतंत्र फीडर की स्थापना का मामला अधर में लटका हुआ है।
कई बार लिखा गया पत्र
स्वतंत्र फीडर की स्थापना को धनराशि तो जारी कर दी गई थी। इसको लेकर बिजली विभाग को कई बार पत्र भी भेजे गए, लेकिन अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई।
डॉ. आरसी शर्मा, सीएमएस, जिला अस्पताल
स्टीमेट होगा रिवाइज
फीडर स्थापित करने को साल भर पहले बजट जारी किया गया था, लेकिन अब कई चीजों के दाम काफी बढ़ चुके हैं। स्टीमेट को रिवाइज किया जा रहा है।
पंकज अग्रवाल, अधिशासी अभियंता, विद्युत