लखनऊ में बिजली
कर्मचारियों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर बिजली कर्मचारियों ने नकटादाना बिजली
उपकेंद्र पर प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य शंकरलाल की अध्यक्षता में एकत्र
होकर बैठक की और विरोध दिवस मनाया। बाद में कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री
के नाम संबोधित छह सूत्री मांग पर एडीएम को सौंपा।
बैठक को संबोधित
करते हुए खंडीय अध्यक्ष ने कहा कि 10 फरवरी को शक्ति भवन पर धरने-प्रदर्शन
कर रहे बिजली कर्मचारियों ने लाठी चार्ज किया और झूठे मुकदमे दर्ज कर जेल
भेजा। जिसको लेकर आज हम लोग विरोध दिवस मना रहे हैं। बिजली कर्मचारियों की
समस्याओं की सुधि कोई लेने वाला नहीं है।
शंकरलाल ने कहा कि प्रदेश पॉवर
कारपोरेशन में कार्यरत संविदा कर्मचारियों का एक हजार करोड़ रुपये विभाग
में कार्यरत उच्चाधिकारियों व ठेकेदारों ने किया। यदि इसकी प्रदेश सरकार
जांच कराए तो हकीकत सामने आ जाएगी। रमेश कु मार ने कहा कि संविदा
कर्मचारियों का वेतन प्रत्येक माह 15 तारीख को मिलना चाहिए, जो नहीं दिया
जा रहा है। बैठक में लखनऊ में हुई लाठी चार्ज की कड़े शब्दों में निंदा की
गई।
इसके बाद नेताओं व कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के
नाम संबोधित एक ज्ञापन एडीएम आलोक सिंह को सौंपा। इस मौके पर नन्हेंबाबू,
अमित राठौर, सूरज कुमार, संतोष साहनी, शोभाराम, साजन लाल, ओमप्रकाश,
धनीराम, मुकेश, रामकिशोर, हरिओम, हरीश कुमार, हेमंत कुमार वर्मा, जोगराज
आदि मौजूद रहे।
यह मांगे हैं शामिल
चतुर्थ श्रेणी के रिक्त
पदों पर लगाई गई पाबंदी वापस लेने, 60 हजार रिक्त पदों पर संविदा,
प्राइवेट, छटनीशुदा कर्मचारियों की नियुक्ति, नियमित नियुक्ति होने तक
संविदा कर्मियों की नियमित भर्ती न्यूनतम, सीधा भुगतान प्रतिदिन 11 हजार
रुपये देने, ठेकेदारी, फ्रेंचाइजी व निजी एजेंसियों पर रोक लगाने, सेवाकाल
में तीन पदोन्नतियों का समयबद्ध वेतन मान देने आदि मांगे शामिल हैं।