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पॉवर कारपोरेशन की ढिलाई का नतीजा : बिजली के खंभों का हो रहा व्यावसायिक प्रयोग

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नखासा तिराहा पर बिजली के खंभे पर लगे फ्लैक्स। - फोटो : PILIBHIT
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पीलीभीत। बिजली के पोलों का व्यावसायिक प्रयोग रोकने में पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों की कोई रुचि नहीं। वहीं नगरपालिका के कर्मचारी और ठेकेदार भी मनमानी पर उतारू हैं। यही वजह है कि हाईवे से लेकर शहर की गलियों में लगे बिजली के खंभों पर राजनीतिक और व्यावसायिक फ्लैक्स लगा दिए गए हैं। वहीं त्योहारी सीजन शुरू होते ही शहर को बेतरतीब तरीके से प्रचार-प्रसार के होर्डिंग्स और फ्लैक्स से पाट दिया गया है। पॉवर कारपोरेशन के अधिकारी खुद मानते हैं कि बिजली के खंभों पर प्रचार-प्रसार के फ्लैक्स, केबल आदि के तार लगाना खतरनाक हो सकता है और यह नियम विरुद्ध भी है। बावजूद इसके पॉवर कारपोरेशन और नगरपालिका के अधिकारी एक दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहते हैं, जिससे समस्या जस की तस रहती है।
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राजनीति विरोध के चलते पीछे हटा लिए जाते हैं कदम
बिजली के खंभों पर लगाए गए फ्लैक्स, पोस्टर आदि हटवाने में लापरवाही बरतने के पीछे साठगांठ की बात तो आम है। वहीं एक वजह राजनीतिक विरोध से खुद को बचाए रखना भी है। विभागों के कुछ अफसर-कर्मचारी इस बात को स्वीकारते भी हैं। उनका कहना है कि अगर किसी पर कार्रवाई की जाती है तो अनर्गल दबाव झेलना पड़ता है। आरोप-प्रत्यारोप भी लगा दिए जाते हैं।
ठेकेदारों का अपना अलग दुखड़ा
प्रचार-प्रसार को फ्लैक्स, होर्डिंग्स लगाने के लिए नगरपालिका की ओर से 111 प्वाइंट स्वीकृत हैं, जबकि हजारों की संख्या में फ्लैक्स आदि लगे हैं। बिजली के खंभों पर इस तरह से फ्लैक्स आदि लगाना गलत है, यह बात ठेकेदार भी स्वीकारते हैं। मगर कम प्वाइंट होने की वजह से लागत न निकल पाना भी वह एक बड़ी वजह बताते हैं।
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सीन एक : नखासा तिराहा
मुख्य बाजार से कलक्ट्रेट जाने वाले मार्ग पर नखासा तिराहा के पास पावर कॉरपोरेशन का सब स्टेशन है। यहां पर पॉवर कॉरपोरेशन के अधिकारी-कर्मचारी निकलते रहते हैं। इस मार्ग पर भी बिजली के खंभे फ्लैक्स, केबल ऑपरेटरों के तार और मोबाइल कंपनी की केबल भी डाल दी गई है। मगर अधिकारी निगाह फेरे रहते हैं।
सीन दो: गांधी स्टेडियम रोड
गौहनिया चौराहा से सुनगढ़ी थाने तक जाने वाला गांधी स्टेडियम रोड प्रमुख मार्गों में शुमार है। यहां पर अस्पताल और बैंक अधिक हैं। यहां शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों के लोगों का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में प्रचार-प्रचार को यहां हर खंभे पर कब्जा कर रखा है। इस इलाके में फाल्ट की दिक्कत भी प्रतिदिन रहती है।
सीन तीन : लाल रोड
शहर के भीतर लाल रोड पर भी हाल बेहाल है। इस इलाके में लाइन लॉस भी अधिक है। ऐसे में पॉवर कॉरपोरेशन के अधिकारियों की निगाह भी रहती है। मगर कभी भी केबल ऑपरेटरों और मोबाइल कंपनियों की बिछाई लाइन से लेकर खंभों पर लगे फ्लैक्स को हटवाने की जहमत नहीं उठाई गई।
सीन चार: गैस चौराहा
रेलवे स्टेशन रोड पर बाजार से सटे मुख्य गैस चौराहा का हाल तो और भी बदतर है। तारों का मकड़जाल पहले ही फाल्ट का कारण बना रहता है। उस पर बाजार होने की वजह से बिजली के खंभों पर फ्लैक्स पाट दिए गए हैं। अधिकारी इस दिशा में गंभीर नहीं रहते हैं।
बिजली के खंभों पर किसी तरह की प्रचार सामग्री और उनका व्यावसायिक इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। पूर्व में इसे लेकर कार्रवाई कराई भी गई थी। अब इसे गंभीरता से दिखवाया जाएगा। - असीम कुमार, एक्सईएन, पॉवर कॉरपोरेशन
शहर में प्रचार-प्रचार के 111 प्वाइंट चिह्नित हैं। उन्हीं पर फ्लैक्स लगाने की अनुमति है। बिजली के खंभों पर फ्लैक्स लगाना गैरकानूनी है। ठेकेदार को नोटिस दिया जाएगा। जल्द अभियान चलाकर गलत तरीके से लगे फ्लैक्स हटवाए जाएंगे। - करनपाल सिंह, कर निरीक्षक, नगरपालिका

गांधी स्टेडियम रोड पर कुछ इस तरह दिखे हालात।- फोटो : PILIBHIT

 

लाल रोड पर बिजली के खंभे पर केबिल ऑपरेटरों की लाइन भी मिली, फ्लैक्स भी टांग रखे थे।- फोटो : PILIBHIT

 

गैस चौराहा पर बिजली के खंभों पर ऐसे बेपटरी हालात।- फोटो : PILIBHIT

 

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