नौजल्हा क्षेत्र में खेतों में लगे करंट प्रवाह वाले तार। संवाद
कलीनगर। नेपाल सीमा से सटे नौजल्हा नंबर एक और दो में किसानों ने फसलों को मवेशियों और वन्यजीवों से बचाने के लिए खेतों की मेड़ पर तार लगाकर उनमें करंट दौड़ा दिया है। बैटरी और सौर ऊर्जा से संचालित इन तारों से मवेशियों के साथ वन्यजीवों की जान को भी खतरा बना हुआ है।
धान की फसल पकने के साथ सब्जियों की फसलें भी खेतों में खड़ी हैं। किसानों का कहना है कि मवेशियों से फसल बचाने के लिए उन्होंने यह इंतजाम किया है। वहीं स्थानीय लोगों का आरोप है कि करंट की चपेट में आने से वन्यजीव घायल होकर गिर जाते हैं, जिसका फायदा शिकारी उठा सकते हैं। क्षेत्र में खेतों के चारों ओर करंट वाले तार लगाए जाने के बावजूद वनकर्मियों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने पर भी सवाल उठ रहे हैं। रेंजर सहेंद्र यादव ने बताया कि मामले को गंभीरता से लेकर जांच कराई जाएगी। संवाद