राजीव गांधी सेवा केंद्र भवन निर्माण के मामले में आहरित धन से कम रकम
खर्च कर धनराशि कथित तौर पर हड़प लेने के मामले में जिले के 202 प्रधान व
संबंधित ग्राम पंचायतों के सचिव फंस गए हैं। डीएम ने नोटिस जारी कर 15 दिन
में उनका स्पष्टीकरण तलब किया है।
स्पष्टीकरण संतोष जनक न पाए जाने पर
दोनों से अंतर की धनराशि की बराबर-बराबर वसूली राजस्व बकाया की भांति करने
के साथ प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज करने व सचिव/ग्रापंअ के खिलाफ विभागीय
कार्रवाई किए जाने की भी चेतावनी दी है। डीपीआरओ विश्वास पाल सक्सेना ने
बताया कि आज की तिथि तक दोषी मिले सभी प्रधानों को नोटिस जारी किया जा चुका
है, जबकि ग्राम पंचायत अधिकारियों को नोटिस भेजी जा रही है। डीएम की इस
कार्रवाई से प्रधानों में हड़कंप है।
जिले में कुल 599 ग्राम पंचायतें
हैं। इनमे से आधे से अधिक ग्राम पंचायतों में राजीव गांधी सेवा भवन
केंद्रों का निर्माण कराया जा रहा है। जगह व स्टीमेट के हिसाब से संबंधित
गांवों को धनराशि अवमुक्त कर इसके निर्माण का जिम्मा प्रधान व संबंधित
ग्राम के सचिव/ग्राम विकास अधिकारी को सौपा गया था। इन दोनों के ही
हस्ताक्षर से निर्गत धनराशि आहरित कर इनका निर्माण कराया गया। कई स्थानों
पर अधोमानक निर्माण की शिकायत पर डीएम ने तकनीकी सहायकों से निर्माण कार्य
का सत्यापन कराया।
जिसमे पूरनपुर ब्लाक क्षेत्र के 104 प्रधान समेत जिले
के 202 प्रधान अनियमितता में फंस गए। इन प्रधानों पर निकाली गई धनराशि के
सापेक्ष खर्च की गई धनराशि नहीं पाई गई। सभी ग्राम पंचायतों में हजारों
रूपये गबन व
दुर्विनियोग का मामला पाया गया।
जिसे गंभीरता से लेते हुए
डीएम ओएन सिंह ने संबंधित प्रधानों को उपरोक्त चेतावनी समेत कारण बताओ
नोटिस जारी किया है। उपरोक्त प्रधानों पर यह दाग ऐसे मौके पर लग रहा है जब
पंचायत चुनाव सिर पर हैं तथा लगभग सभी प्रधान अपनी-अपनी राजनीतिक गोटियां
बिठाने के साथ अपना दामन पाक साफ बताने में जुटे हैं।
किस ब्लाक में कितने फंसे प्रधान
ब्लाक कुल प्रधानों फंसे प्रधान
अमरिया 91 16
बिलसंडा 81 07
ललौरीखेड़ा 59 17
पूरनपुर 156 104
बरखेड़ा 76 25
बीसलपुर 67 09
मरौरी 69 44
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202 599
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