पीलीभीत। जिले में लगातार बढ़ रहे तापमान से कुपोषित बच्चों की समस्याएं भी बढ़ने लगी हैं। शरीर में कमजोरी व दर्द सहित निम्न समस्याओं से जूझ रहे बच्चों से एनआरसी वार्ड के बेड फुल हो चुके हैं। चार से पांच बच्चे भर्ती होने की कतार में हैं।
जिला अस्पताल का एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र) वर्तमान में 10 बेड हैं। इसमें कुपोषित बच्चों की 14 दिवसीय देखरेख कर उनका वजन बढ़ाना व न्यूट्रिशियन डाइट की सहायता से नौनिहालों का स्वस्थ किया जाता है। गर्मी बढ़ने के साथ कुपोषित बच्चों में कई समस्याएं देखी जा रही हैं। जिले में गांव-गांव घूम रही टीम अस्पताल में लाकर बच्चों को भर्ती करा रही है। वहीं, बच्चों की संख्या बढ़ने से जिला अस्पताल के एनआरसी वार्ड में सभी बेड पर बच्चे भर्ती हैं। इनका न्यूट्रिशियन डाइट व पोषक तत्वों से उपचार किया जा रहा है। वहीं वर्तमान में संख्या बढ़ने के साथ लगभग 4-5 बच्चों के अभिभावक अभी बेड खाली होने का इंतजार कर रहे हैं।
बच्चों की न्यूट्रीशियन डाइट में मिलते हैं पोषण तत्व
जिला अस्पताल के एनआरसी वार्ड में बच्चों को पोषण आहार व चयनित डाइट के अनुसार सूजी का हलवा, मूंग दाल, खीर, खिचड़ी, दलिया, थेरैप्यूटिक फीड व फल आदि दिए जाते हैं। डाइट के अनुसार, बच्चे का 14 दिन में वजन बढ़ाया जाता है।
17 दिन में पहुंचे 18 बच्चे, वित्तीय वर्ष में भी बढ़ा आंकड़ा
एक अप्रैल से अब तक 18 बच्चे भर्ती किए गए। वर्तमान में 10 बच्चों को अवकाश दिया गया, जबकि आठ बच्चों का अभी भी उपचार चल रहा है। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में एनआरसी वार्ड में 261 व 2024-25 में 244 बच्चों को कुपोषण से मुक्त किया गया।