केंद्रीय जलशक्ति मंत्री आरआर पाटिल से मुलाकात करते केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद। स्रोत सोशल मी
कलीनगर। गोमती नदी और उसके उद्गम स्थल को पुनरुद्धार करने की कवायद तेजी पकड़ने लगी है। केंद्रीय राज्यमंत्री एवं सांसद जितिन प्रसाद ने बुधवार को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल से मुलाकात कर मां गोमती से जुड़ी विकास योजनाओं और उद्गम स्थल के सौंदर्यीकरण को लेकर विस्तृत चर्चा की। माना जा रहा है कि जल्द ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए बजट आवंटित हो सकता है।
माधोटांडा क्षेत्र में ऐतिहासिक गोमती नदी का उद्गम स्थल स्थित है। धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व रखने वाली यह नदी समय के साथ अपने अस्तित्व के संकट से जूझ रही है। उद्गम स्थल से जनपद सीमा तक लगभग 47 किलोमीटर के दायरे में कहीं यह नदी झील का रूप ले चुकी है तो कहीं केवल एक पतली जलधारा बनकर रह गई है।
गोमती नदी की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए केंद्र और प्रदेश सरकार ने इसके संरक्षण और पुनर्जीवन की दिशा में प्रयास तेज कर दिए हैं। इसी क्रम में वर्ष की शुरुआत में केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद के प्रयासों से जलशक्ति मंत्रालय ने गोमती उद्गम स्थल के संरक्षण, पुनर्जीवन और सौंदर्यीकरण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कराने को मंजूरी दी थी।
परियोजना रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी जलशक्ति मंत्रालय के अधीन कार्यरत वैपकोस लिमिटेड को सौंपी है। विशेषज्ञों की टीम लगातार क्षेत्र का सर्वे कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने में जुटी रही। सूत्रों के मुताबिक गोमती उद्गम स्थल के सौंदर्यीकरण और नदी पुनर्जीवन की विस्तृत योजना लगभग तैयार हो चुकी है।
इधर, बुधवार को केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद की केंद्रीय जल शक्ति मंत्री से हुई मुलाकात के बाद इस परियोजना को गति मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। संवाद