फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आर्थिक तंगी से साथी की मौत का आरोप लगाकर धरने पर बैठे उपाधि कॉलेज के कर्मचारी-शिक्षक

विज्ञापन
विज्ञापन
पीलीभीत। बकाया भुगतान न होने के चलते आर्थिक तंगी के कारण उपाधि महाविद्यालय के एक परिचर की मौत का आरोप लगाकर शिक्षक और कर्मचारी धरने पर बैठ गए। उन्होंने धरने के दौरान सहायक लेखाकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। इसी दौरान प्राचार्य डॉ. सत्येंद्र नारायण ने कॉलेज का माहौल खराब बताते हुए इस्तीफा दे दिया। भाजपा जिलाध्यक्ष और महाविद्यालय प्रबंध कमेटी के सचिव ने वार्ता के बाद शिक्षकों व कर्मचारियों का धरना समाप्त करा दिया।
विज्ञापन

उपाधि महाविद्यालय में शैक्षणिक माहौल पहले से ही खराब चल रहा है। मंगलवार को विज्ञान प्रयोगशाला में कार्यरत परिचर वीरेंद्र कुमार का निधन हो गया। वह काफी समय से बीमार थे। आरोप है कि इलाज के लिए जरूरत होने के बावजूद सहायक लेखाकार ने उनका बकाया भुगतान नहीं दिया। शिक्षकों और कर्मचारियों ने आर्थिक तंगी की वजह से परिचर की मौत होने की बात कहते हुए बृहस्पतिवार को शिक्षण कार्य बंद कर धरना शुरू कर दिया। सूचना पर भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता और महाविद्यालय प्रबंध कमेटी के सचिव मुरली मनोहर अग्रवाल वहां जा पहुंचे। उन्होंने शिक्षक और कर्मचारियों से वार्ता की। सभी का एक स्वर में कहना था कि परिचर वीरेंद्र कुमार की मौत का मुख्य कारण इलाज के लिए पैसा न होना था। यदि सहायक लेखाकार बकाया भुगतान कर देते तो शायद उनकी जान बच सकती थी। स्ववित्त पोषित योजना के अंतर्गत कार्यरत सभी कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने एवं सीपीएफ को ईपीएफ में बदलने की मांग भी की गई। सभी कर्मचारियों का चिकित्सा बीमा और दुर्घटना बीमा कराने का मुद्दा उठाया। धरने पर बैठे शिक्षकों, कर्मचारियों ने मृतक आश्रित परिवार को महाविद्यालय निधि से पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद और उसकी पत्नी को नौकरी देने की मांग की। कर्मचारियों ने भी अपनी समस्याएं भी रखीं। इस पर भाजपा जिलाध्यक्ष और सचिव ने सभी से अपनी समस्याएं तीन दिन में लिखकर देने की बात कहीं। उनके आश्वासन के बाद शिक्षकों और कर्मचारियों ने धरना समाप्त कर दिया। धरना देने वालों में केवी सिंह, डॉ. प्रणव शास्त्री, डॉ. विशाल सक्सेना, डॉ. राजेश कुमार, सौरभ वर्मा, मनोज गुप्ता, विनय गर्ग आदि रहे।
माहौल खराब बताकर प्राचार्य ने दिया इस्तीफा
कर्मचारी की मौत से आहत और कॉलेज के बिगड़े माहौल को देखते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सत्येंद्र नारायण ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। प्रबंध कमेटी को सौंपे गए पत्र में उन्होंने महाविद्यालय का माहौल खराब होने की जिक्र किया है। इस्तीफा देने के बाद डॉ. सत्येंद्र व्यक्तिगत कार्य से इलाहाबाद चले गए। हालांकि प्रबंध समिति ने अब तक उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है।
विज्ञापन

महाविद्यालय का माहौल लगातार खराब होता जा रहा है। आर्थिक तंगी के कारण ही एक कर्मचारी की मौत हो गई। इससे आहत होकर मैंने खुद को प्राचार्य पद के दायित्व से अलग कर किसी अन्य शिक्षक को दायित्व देने को कहा है।
विज्ञापन

- डॉ. सत्येंद्र नारायण, प्राचार्य, उपाधि महाविद्यालय
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें