पीलीभीत। गांव परसादपुर के प्राथमिक स्कूल में तैनात शिक्षिका के मेडिकल अवकाश पर जाने के बाद अटैच अनुदेशक ने भी स्कूल जाना बंद कर दिया है। नतीजतन दस दिनों से स्कूल में ताले लटक रहे हैं। बच्चे रोजाना घंटों स्कूल खुलने का इंतजार कर लौट जाते हैं। इधर, स्कूल में मिड-डे मील बनने की रिपोर्ट रोजाना ऑनलाइन भेजी जा रही है। इसे लेकर अभिभावकों में रोष है।
ग्राम प्रधान का कहना है कि शिकायत करने के बाद भी विभागीय अफसर ध्यान नहीं दे रहे हैं। स्कूल बंद होने का एक वीडियो बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
परसादपुर के प्राथमिक स्कूल में शिक्षक मोनिका की तैनाती है। मोनिका करीब दो माह से मेडिकल अवकाश पर हैं। स्कूल नियमित खुले और बच्चों की शिक्षा बाधित न हो, इसके लिए समीप के एक स्कूल के अनुदेशक को अटैच किया गया, लेकिन सांठगांठ के चलते अनुदेशक करीब दस दिनों से स्कूल नहीं पहुंच रहा है। बच्चे प्रतिदिन स्कूल पहुंचकर घंटों ताले खुलने और शिक्षक के आने का इंतजार कर लौट जाते हैं। ग्राम प्रधान रामचंद्र लाल ने बताया कि 10 दिनों से स्कूल में शिक्षक के न पहुंचने से ताले लटके हैं। इसकी शिकायत खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय जाकर की गई, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। अब शीघ्र ही उच्च अफसरों से इसकी शिकायत कर कार्रवाई कराई जाएगी।
स्कूल खुल रहा है। नियमित एमडीएम की ऑनलाइन रिपोर्ट भी आ रही है। स्कूल में तैनात शिक्षिका मोनिका मेडिकल अवकाश पर है। एक अनुदेशक को अटैच किया गया है। परसादपुर स्कूल पहले भी अक्सर बंद रहता था। तब संकुल प्रभारी को हटाया गया था। अब अगर स्कूल बंद है, तो इसकी जांच कराई जाएगी। अगर लापरवाही मिली तो संकुल प्रभारी पर कार्रवाई तय है।
- सुरेश पाल, खंड शिक्षा अधिकारी
इस मामले की फिलहाल मुझे कोई जानकारी नहीं है। अगर स्कूल बंद होने के बावजूद मिड-डे मील बनना दिखाया जा रहा है तो इसकी बीईओ से रिपोर्ट तलब कर कार्रवाई की जाएगी।
- देवेंद्र स्वरूप, बीएसए