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सरकारी स्कूलों में विकसित की जाएगी पोषण वाटिका

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पीलीभीत। बच्चों को सेहतमंद बनाने के लिए जिले के सभी सरकारी स्कूलों में पोषण वाटिका विकसित की जाएगी। इस पोषण वाटिका में स्कूल के शिक्षक-शिक्षिका और छात्र-छात्रा मिलकर मौसमी साग-सब्जी का उत्पादन करेंगे। बाद में इसी साग-सब्जी का इस्तेमाल स्कूलों में चल रही एमडीएम में इस्तेमाल किया जाएगा।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) अरविंद कुमार ने बताया कि सभी प्राथमिक स्कूलों की जानकारी जुटा ली गई है। स्कूलों में पोषण वाटिका कि स्थापना ऐसी जगह की जाएगी जहां पर सिंचाई का पूरा इंतजाम हो, जमीन का आकार आयताकार हो और जिसमें पांच से छह किए जा सके। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बच्चों और उनकी माताओं को सब्जियों के फायदे बताएंगी। कौन सी सब्जी में कौन सा विटामिन है। पोषण वाटिका बनाए जाने का मुख्य उद्देश्य स्कूलों में बागवानी विकसित करने के साथ बच्चों के एमडीएम में ताजी और शुद्ध साग-सब्जी का इस्तेमाल करना है। इससे एमडीएम की पौष्टिकता भी बढ़ेगी साथ में इसकी जानकारी बच्चे परिवार के सदस्यों तक भी पहुंचाएंगे। यह भी बताया कि आजकल बाजार में बिकने वाले अधिकांश फल और सब्जियों में रासायनिक उर्वरक का प्रयोग कर उगाया जाता है। इससे बच्चों की सेहत पर भी सीधा प्रभाव पड़ता है। पोषण वाटिका के उद्देश्य को सफल बनाने के लिए शिक्षा विभाग के अफसरों को स्कूल में पोषण वाटिका के लिए स्थान उपलब्ध कराने, उद्यान विभाग को बीज व पौध उपलब्ध कराने, पंचायती राज विभाग को ग्राम निधि से पौधों का भुगतान करने और बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग को प्रधान के सहयोग से आंगनबाड़ी केंद्र व गंभीर कुपोषित बच्चो के घरों में पोषण वाटिका लगाने में सहयोग करने की जिम्मेदारी मिली है।
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