बिलसंडा के राजकीय महाविद्यालय हेमपुर में आपस में पर चर्चा करते हुए विद्यार्थी। संवाद
बिलसंडा। राजकीय महाविद्यालय हेमपुर में बृहस्पतिवार को छात्र-छात्राओं ने आपस में परिचर्चा की। इसमें साइबर ठगी, एआई का प्रयोग और शिक्षा प्रणाली समेत कई बिंदुओं पर सुझाव रखे। कहा गया कि एआई गलत हाथों में पड़ जाने पर नुकसान हो सकता है। उन्होंने सोशल मीडिया के लाभ और हानि पर विचार साझा किए।
पवन राठौर ने साइबर क्राइम पर चर्चा करते हुए कहा कि आजकल बड़ी आसानी से हैकर लोगों को निशाना बनाकर ठगी का शिकार बना रहे हैं। इसके लिए जागरूक रहने की आवश्यकता है। हरजीत कौर ने कहा कि आधुनिक युग में साइबर क्राइम का खतरा बढ़ा है। इस समय लॉटरी, यूपीआई, क्रेडिट कार्ड, एटीएम कार्ड के नाम पर ऑनलाइन धोखाधड़ी हो रही है। साइबर अपराध का पता चलते ही तत्काल पुलिस को सूचना दें। इसके बाद प्रिया ने कहा कि सोशल मीडिया पर कई तरह के प्रलोभन वाले संदेश आते हैं। ऐसे संदेशों को नजरअंदाज करें।
दीपक श्रीवास्तव ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का जिक्र करते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का आना महत्वपूर्ण है। एआई के आने से समाज और विज्ञान के क्षेत्र में ऐसे बदलाव हो रहे हैं, जिनकी कल्पना भी नहीं की थी। शिक्षा के क्षेत्र में भी एआई एक बड़ा बदलाव ला रहा है। यहां व्यापार, विज्ञान और दूसरे क्षेत्रों में लोग एआई को अपनाने के लिए तैयार दिख रहे हैं। यह भी हो सकता है कि आने वाले दिनों में एआई अपनी अच्छाइयों के साथ-साथ समाज के बुरे लोगों को भी उपयोगी लगने लगे। अगर एआई का इस्तेमाल क्लासरूम, लैब और पढ़ाई-लिखाई से होते हुए परीक्षाओं और नतीजों तक पहुंच गया तो इससे नुकसान होगा। नैंसी ने कहा कि एआई के समर्थक बहुत उम्मीद से देख रहे हैं कि इससे शिक्षा में बहुत अच्छे बदलाव आएंगे।