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Pilibhit News: ब्रेल लिपि से पढ़कर बच्चों को पढ़ा रहे सलीम, बैंक में नौकरी कर रहे सोमप्रकाश

Sat, 03 Jan 2026 11:40 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
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सोमप्रकाश
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पीलीभीत। अगर आप में कुछ कर गुजरने की चाहत है तो दिव्यांगता भी कदम रोक नहीं सकती। इस बात को जिले के कुछ दिव्यांगों ने अपनी मेहनत से सच साबित किया है। आंखों से दिव्यांग युवाओं ने ब्रेल लिपि से पढ़ाई कर मुकाम हासिल किया है। कोई ब्रेल लिपि से पढ़कर बच्चों को पढ़ा रहा है तो किसी को बैंक में नौकरी मिली है। इन दिव्यांगों को कुछ वर्ष पूर्व तक संचालित बेसिक शिक्षा विभाग के एक्सीलेरिटेड लर्निंग कैंप से काफी मदद और आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली थी।
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स्टेट बैंक में खाताधारकों की मदद कर रहे हैं सोमप्रकाश

ललौरीखेड़ा के पास गांव बानपुर पट्टी निवासी सोमप्रकाश जन्म से नेत्र दिव्यांग हैं। दिव्यांगता को मात देकर सोमप्रकाश इस समय शहर की स्टेट बैंक शाखा में क्लर्क पद पर नौकरी कर रहे हैं। वह खाताधारकों को केवाईसी फॉर्म, नया खाता खोलने का फॉर्म देते हैं। खाते से संबंधित समस्या होने पर खाताधारकों के सवालों का जवाब देते हैं। सोमप्रकाश ने बताया कि उन्होंने शहर के लर्निंग कैंप से ब्रेल लिपि का कोर्स किया। इसके बाद जतीपुर के वैदिक इंटर कॉलेज से इंटर और दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की है। ब्रेल लिपि से की गई पढ़ाई काफी मददगार साबित हुई। उन्होंने बताया कि वह करीब छह महीने से बैंक में काम कर रहे हैं। जल्द ही बोलकर काम करने वाला सॉफ्टवेयर आ जाएगा। फिर वे कंप्यूटर पर काम करने लगेंगे।

दिव्यांग बच्चों को ब्रेल लिपि सिखा रहे सलीम

गांव दियूरी निवासी सलीम ने पहले तो खुद ब्रेल लिपि से पढ़ाई की। मौजूदा समय में वह झारखंड के गोड्डा जिले के एक निजी कॉलेज में बच्चों को ब्रेल लिपि सिखा रहे हैं। इसके अलावा कक्षा आठ तक के सामान्य बच्चों को नागरिक शास्त्र पढ़ा रहे हैं। सलीम ने राजनीति शास्त्र विषय से एमए किया है। फोन पर सलीम ने बताया कि जिले के समेकित शिक्षा समन्वयक राकेश पटेल ने आगे बढ़ने में उनकी काफी मदद की। आज भी मदद कर रहे हैं। सलीम ने यह भी बताया कि लर्निंग कैंप के बाद उन्होंने जतीपुर कॉलेज से इंटर और दिल्ली विश्वविद्यालय से बीए किया है। उन्होंने संगीत की शिक्षा भी हासिल की है। उनके गानों की कई लोगों ने सराहना की है।

सोमप्रकाश

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