अरविंद बताते हैं कि दोनों बच्चों की पिछले शिक्षण सत्र में हर माह 3150 रुपये स्कूल फीस जाती थी, पर इस बार स्कूल वालों ने करीब दस फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। पिछले साल पांच हजार रुपये में बच्चों का कोर्स मिल गया था, इस बार सेलेबस लेने में आठ हजार रुपये खर्च हो चुके हैं। मकान किराया भी 3500 रुपये प्रतिमाह है। ऊपर से दूध, सब्जी, केबिल टीवी आदि की महंगाई की मार बुरा हाल कर रही है। बढ़ती महंगाई की मार से सिर्फ अरविंद ही परेशान नहीं हैं बल्कि हर वह मध्यम वर्गीय परिवार है जो अपने बच्चों को अच्छे स्कूलों में अच्छी शिक्षा दिलाने का सपना संजोये हुए हैं।
स्कूल की किताबों पर बरसी आग
शहर की स्टेशनरी की दुकानों पर आजकल महंगाई के बावजूद भीड़ भाड़ हो रही है। पिछले वर्ष जहां पीएनसी का कोर्स 800 रुपये का था, वहीं इस बार इसकी कीमत एक हजार रुपये हो गई है। कक्षा आठ के कोर्स की कीमत में 20 से 30 फीसदी का इजाफा हुआ है। इस बार इसकी कीमत करीब चार हजार रुपये है।
स्कूल फीस में भी बढ़ोतरी
स्कूल बढ़ोतरी
बेनहर स्कूल 08 से 10 प्रतिशत
लायंस स्कूल 10 प्रतिशत
ज्ञान इंटरनेशल स्कूल 08 प्रतिशत
सेंट एलायसियस कॉलेज 10 प्रतिशत
लिटिल एंजिल्स स्कूल 10-12 प्रतिशत
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सीबीएसई स्कूलों के मेंटीनेंस, सुविधाएं और बेहतर फैकल्टी आदि को लेकर फीस बढ़ना लाजिमी है। हर जगह महंगाई का बोलबाला है। शिक्षकों के वेतन और अन्य मदों में खर्चों के कारण फीस बढ़ाई गई है।
परविंदर सिंह सैहमी, प्रशासक, बेनहर कॉलेज
बच्चों को बेहतर शिक्षा मिले, इसको लेकर तमाम तरह के ईवेंट और अन्य कार्यक्रम चलाए जाते हैं। क्वालीफाइड शिक्षकों के वेतन और बच्चों को दी जाने वाली सुविधाआें के चलते ही फीस बढ़ोत्तरी की गई है।
रमेशचंद्र सेमवाल, प्रधानाचार्य, लायंस स्कूल