प्रदेश में लागू हुई इस योजना के मास्टर ट्रेनर तैयार करने को दो दिवसीय प्रशिक्षण लखनऊ में हो चुका है जिसमें पीलीभीत जनपद से दो लोगों प्रशिक्षण दिया गया।
लगातार बढ़ता प्रदूषण मानव जीवन के लिए खतरा बनता जा रहा है। इसके बाद भी हम इसके प्रति जागरूक नहीं हो रहे हैं। प्रदूषण से खराब हो रहे वातावरण को बचाने के लिए अब भारत सरकार ने स्कूलों को माध्यम बनाया है। इसके तहत स्कूलों में ईको क्लब गठन किया जाएगा और माह बैठक कर पर्यावरण पर चर्चा के साथ इससे जुड़े क्रियाकलाप होंगे। स्कूलों में इन ईको क्लब के संचालन के लिए पर्यावरण एवं प्रकृति में रुचि रखने वाले अध्यापक को इंचार्ज बनाया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक जिले से 150 माध्यमिक और 100 जूनियर स्कूलों को चयनित कर क्लब का गठन होना है। स्कूलों के अतिरिक्त इस योजना के सफल संचालन के लिए डीएम की अध्यक्षता में एक क्रियान्वयन अनुश्रवण समिति का गठन किया गया है जिसमें डीआईओएस सचिव और सीएमओ, डीएफओ व पर्यावरण से जुड़ी दो संस्थाओं के प्रतिनिधि सदस्य रहेंगे। पिछले दिनों लखनऊ में इसका दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया जिसमें जिले के पर्यावरण विद टीएच खान व ड्रमंड राजकीय इंटर कॉलेज के अध्यापक गोपाल कसोधन को मास्टर ट्रेनर बनाया गया है। प्रशिक्षण पाकर पहुंचे टीएच खान ने बताया कि स्कूलों में ईको क्लब संचालन के लिए प्रति स्कूल 2500 रुपये दिए जाएंगे।