नेपाल सीमा से सटे
तराई के इस जिले में शनिवार को दोपहर 11.45 बजे व 12.17 बजे आए भूकंप से
जिला कांप उठा। पहला झटका करीब एक मिनट तक रहा जबकि दूसरा झटका करीब 20 से
30 सेकेंड महसूस किया गया। इससे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोग मकान,
दुकान, कार्यालय से बाहर खुले मैदान अथवा सड़क पर आ गए। शहर के जयसंतरी
मंदिर समेत अन्य स्थानों पर पेड़ की छांव में बैठे लोग भी दूर हट खुले
मैदान में पहुंच गए। पालतू पशु भी सहम गए तथा पक्षी चहचहाने लगे।
मोहल्ला
देशनगर निवासी नानदेवी की कच्ची दीवार में दरार पड़ गई छत से कुछ मिट्टी भी
कमरे में गिरी जिससे वह दहशत में हैं। पूरनपुर में कुछ लोगों के घरों की
दीवार, लिंटर चटक गए। जहानाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम बिसेन में खपरैल
गिरने से उसमे बंधे चार मवेशी दब गए। जिन्हें सुरक्षित निकाल लिया गया।
भूकंप के बाद अधिकांश स्कूलों की छुट्टी कर दी गई। पूरे दिन हर जगह भूकंप
की चर्चा चलती रही। जिलाधिकारी ओएन सिंह ने जिले में भूकंप से किसी तहर की
जन व पशु हानि अथवा क्षति से इनकार किया है।
शहरवासियों को भूकंप का
पहला झटका 11.45 बजे महसूस हुआ। शुरू के आठ दस सेकेंड तो लोग कुछ समझ नहीं
पाए लेकिन यह झटका करीब एक मिनट तक जारी रहने के कारण लोगों को इसका बखूबी
अहसास हो गया। आनन-फानन में लोग अपने घरों, दुकानों, सरकारी कार्यालयों से
बाहर आ गए। फोन की घंटी भी घनघनाने लगीं सभी एक दूसरे को इसकी जानकारी देते
दिखे।
दहशत जदा लोग बाहर निकल मकानों व पेड़ों की ओर देख रहे थे। शहर की
सभी बैंकों व अन्य प्रतिष्ठानों में कार्य रोक दिया गया। स्कूलों में बच्चे
भयभीत हो गए। स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को आनन-फानन में कक्षाओं से बाहर
निकाल फील्ड में खड़ा किया। बाद में अधिकांश स्कूलों के बच्चों की छुट्टी
कर दी गई। स्कूल से घर जा रहे बच्चों के चेहरे पर साफ दहशत दिखाई दे रही
थी।
दूसरा भूकंप का झटका 12.17 बजे आया। इसकी भी रफ्तार लोगों ने पहले
झटके जैसी ही महशूस की, लेकिन यह मात्र 20 से 30 सिकेंड ही रहा। इसके बाद
भी लोग संभावित भूकंप के झटके की आशंका से भयभीत रहे। हर ओर इसी की चर्चा
चलती रही।
अधिकारियों, कर्मचारियों व वकीलों में दहशत
भूकंप
के झटकों से कचहरी की अदालतों व मुख्यालय के कलेक्ट्रेट व विकास भवन,
कार्यालयों में कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों और वकीलों में हड़कंप मच
गया। दहशत के चलते अधिकारी अपने कक्षों व अदालतों से बाहर निकले और
सुरक्षित स्थानों की तलाश करने लगे। वकील और वादकारी भी भूकंप के झटकों से
बचने को खुले स्थान पर पहुंच गए। भूकंप के दौरान जमीन हिलती देख लोगों की
रूह कांप गई।
महिला बच्चों में दिखाई दी काफी दहशत
बीसलपुर।
यहां पहले भूकंप का झटका करीब 11.45 बजे और दूसरा करीब 12.15 बजे आया।
दोनों झटकों को क्षेत्र के लोगों ने महसूस किया। लोग घरों, कार्यालयों व
प्रतिष्ठानों से बाहर निकल आए थे। महिलाओं और बच्चों में काफी दहशत दिखाई
दी। तहसीलदार नन्हेलाल ने बताया कि पूरे तहसील क्षेत्र में भूकंप से कोई
नुकसान नहीं हुआ है।
अलार्म बचा बच्चों को मैदान में एकत्र किया
पूरनपुर।
जोसेफ स्कूल समेत कई स्कूलों के बच्चे भय से बाहर ग्राउंड में आ गए।
भूकंप के बाद अवकाश कर दिया गया। इससे पहले स्कूल की आपदा प्रबंधन कमेटी
के शिक्षक रियाज अहमद खान, अंशू गुप्ता, रविकांत दीक्षित ने बच्चों को
अलर्ट कर मैदान में एकत्र किया। जेसीज रिवर्डेल स्कूल में प्रधानाचार्या
अंजु मिश्रा ने अलार्म बजाकर बच्चोें को कक्षाओं से बाहर निकलवाया। खेल
मैदान में एकत्र बच्चों को शिक्षक विशेश अवस्थी, शिक्षिका वंदना अग्रवाल ने
भूकंप से बचने के उपाय बताए। व्यापारी नेता हाजी लाडले के घर की एक दीवार
में, मोहल्ला बमनपुरी निवासी जुल्फिकार अली के घर के लिंटर में, व्यापारी
नेता दीपक अग्रवाल की बुक सेलर की दुकान में दरारें पड़ गई। रघुनाथपुर
स्कूल भवन की दीवार में भी दरार पड़ने की जानकारी पर गांव के कुछ लोग स्कूल
में एकत्र हुए। इसके अलावा माधोटांडा, शेरपुरकलां, जोगराजपुर, भगवंतापुर,
अमरैयाकलां, घुंघचाई, कसगंजा आदि क्षेत्र में भूकंप के झटके महसूस किए गए।
कई घरों की दीवारें चटकीं
परेवावैश्य।
यहां भूकंप से सलीम खां, मुनेश गुप्ता, राजीव गुप्ता, फुरकतयार खां, आसिफ
खां आदि के घरों की दीवार में दरारे पड़ गईं। न्यू आदर्श स्कूल के र्कई
बच्चे भूकंप के दौरान बेंच से गिर गए। बाद में सभी बच्चों को बाहर मैदान
में उतारा गया।
बिलसंडा। यहां करीब 11.58 बजे कुछ क्षणों के लिए आए
भूकंप से लोग घबरा गए। हालांकि यहां पर भूकंप का वेग बहुत हल्का था लेकिन
इसके बावजूद लोग कांप उठे। इसके कुछ देर बाद ही स्कूलों में छुट्टी कर दी
गई।
जहानाबाद। थाना क्षेत्र के गांव बिसेन निवासी नजमा की पशुशाला की
खपरैल गिरने से उसमें बंधी गाय, बकरी व बछड़ा घायल हो गया जबकि पास बैठे
नजमा के 60 वर्षीय ससुर अब्दुल रहमान बाल बाल बच गए।