पीलीभीत। जिला पंचायत में ई-टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायत मिलने के बाद पंचायतीराज विभाग के प्रमुख सचिव ने टेंडर प्रक्रिया निरस्त कर दी। उन्होंने नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में पूरनपुर और बीसलपुर विधायक ने प्रमुख सचिव को पत्र भेजकर जिला पंचायत में हो रही गड़बड़ी की शिकायत की थी। इधर टेंडर प्रक्रिया निरस्त होने के बाद ठेकेदारों के एक खेमे में मायूसी देखी जा रही है।
भाजपा सरकार में जिला पंचायत में एक दूसरी राजनीतिक पार्टी की दबंगई जगहाजिर है। मौजूदा जिला पंचायत अध्यक्ष आरती महेंद्र तत्कालीन सपा सरकार में विधायक रहे पीतमराम की पुत्रवधु हैं। हालांकि जिला पंचायत बोर्ड में 34 सदस्य है। भारी भरकम बोर्ड होने के बावजूद यहां कामों को लेकर हाय तौबा मची रहती है। खास बात यह है कि जिला पंचायत में शासन के आदेशों को भी दरकिनार कर कार्रवाई की जा रही है। चाहे वह बैठक का मामला हो या फिर ई-टेंडर प्रक्रिया का। जिला पंचायत में साल भर में कम से कम छह बैठकें होनी चाहिए, मगर गत वर्ष मात्र एक ही बैठक कराई गई। हालांकि कुछ दिन पहले बैठक संपन्न हुई। जिला पंचायत में मनमानी के चलते विकास कार्य भी ठप पड़े हुए हैं। विकास कार्यो सें जुड़ी करीब 25 करोड़ की एक पत्रावली के अनुमोदन को लेकर भी खासी देरी की गई।
इस मामले में पूरनपुर से भाजपा विधायक बाबूराम पासवान और बीसलपुर विधायक किशनलाल राजपूत ने प्रमुख सचिव पंचायतीराज को भी जिला पंचायत में हो रही गड़बड़ियों की शिकायत की थी। विधायकों ने ई-टेंडर प्रक्रिया में अपने चहेते ठेकेदारों के साथ सांठगांठ कर 25 करोड़ के कामों का बंटरबांट कर एंडवास पैसे लेकर टेंडरों को मैनेज करने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री के मंशा के विपरीत कार्य करने की बात कही थी। सीडीओ एक दिन पहले जांच करने के लिए जिला पंचायत गए थे, मगर उन्हें संबंधित पत्रावली नहीं मिली थी।
प्रमुख सचिव पंचायतीराज मनोज कुमार सिंह ने जनप्रतिनिधियों की शिकायत को संज्ञान में लेते हुए मामले को गंभीरता से लेते हुए 28 फरवरी को जारी की गई ई-टेंडर प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया। यह टेंडर मंगलवार को खुलने थे। अचानक हुई इस कार्रवाई से ठेकेदारों के एक खेमे में खासी मायूसी देखी गई।
जिला पंचायत में ई-टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी की शिकायत के बाद प्रमुख सचिव पंचायतीराज ने जिला पंचायत के ई-टेंडरों को निरस्त कर दिया गया है। जिला पंचायत के सभी ठेकेदारों का नवीनीकरण के बाद टेंडर निकाले जाएंगे। अब यह प्रक्रिया अप्रैल में शुरू हो पाएगी। - श्रीनिवास मिश्र, सीडीओ