फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pilibhit News: ई-रिक्शा संचालक और प्रशासन आमने सामने, हाईवे जाम करने की कोशिश

विज्ञापन
कलेक्ट्रेट परिसर में विरोध जताते ई-रिक्शा चालक । संवाद
विज्ञापन
पीलीभीत। प्रशासन द्वारा कार्रवाई किए जाने से नाराज ई-रिक्शा संचालक शुक्रवार को भड़क गए और जमकर हंगामा किया। ई-रिक्शा संचालकों ने पहले टनकपुर हाईवे पर छतरी चौराहे पर जाम लगाने का प्रयास किया। बाद में कलक्ट्रेट पहुंचकर हंगामा किया। प्रशासन के साथ काफी देर तक चली वार्ता में भी कोई निष्कर्ष नहीं निकला। प्रशासन का साफ कहना है कि बिना पंजीकृत और बिना चेसिस नंबर के ई-रिक्शों का संचालन नहीं होने दिया जाएगा। वहीं ई-रिक्शा संचालकों का कहना है कि अगर प्रशासन मनमानी पर उतारू रहा तो वह लोग हड़ताल करेंगे।
विज्ञापन

विभागीय अफसरों के मुताबिक, जनपद में करीब 2615 ई-रिक्शा संचालित होते हैं। इसके अलावा करीब 800 ई-रिक्शा बिना चेसिस नंबर के चल रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि शहर में बिना पंजीकृत और बिना चेसिस नंबर के ई-रिक्शा चल रहे हैं। इनकी वजह से जाम की स्थिति पैदा हो रही है। ऐसे में बिना पंजीकृत रिक्शों के चालान किए जा रहे हैं। साथ ही बिना चेसिस वाले ई रिक्शा नष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। बृहस्पतिवार को शहर में 25 ई-रिक्शा सीज किए गए तो कई को काटने के लिए कहा गया। साथ ही कई ई-रिक्शा के चालान किए गए। कार्रवाई से नाराज ई-रिक्शा संचालक भड़क गए और जमकर हंगामा किया।


दो घंटे तक हड़ताल के चलते परेशान हुए यात्री
प्रशासन की कार्रवाई से नाराज ई-रिक्शा संचालकों ने हड़ताल कर सवारियों को बिठाने से मना कर दिया। सुबह 11 बजे सभी ई-रिक्शा चालक छतरी चौराहे के पास इकट्ठा हो गए। किसी ने भी सवारियों को नहीं बैठाया। साथ ही जिन ई-रिक्शों पर सवारियों बैठी थीं उनको भी उतार दिया गया। दोपहर एक बजे तक सभी कलक्ट्रेट में जमे रहे। इस वजह से सवारियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ई-रिक्शा चालकों का कहना था कि अगर प्रशासन अपनी हठधर्मिता पर बरकरार रहा तो आगे चलकर हड़ताल करना उनकी मजबूरी होगी।
विज्ञापन


2016-17 में बिके थे बिना चेसिस के ई-रिक्शा



एआरटीओ वीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि वर्ष 2016-17 के बीच जिले में चाइनीज ई-रिक्शों की बिक्री हुई थी। उन दिनों ई-रिक्शा में चेसिस नहीं था। इसलिए उनके पंजीकरण नहीं हुए। तब विभाग के पास इनके संचालन को लेकर कोई शासनादेश भी नहीं था, लेकिन अब जिला प्रशासन के पास इनके संचालन को लेकर गाइडलाइन हैं। ऐसे में अब सिर्फ पंजीकृत ई-रिक्शा ही संचालित किए जांएगे।



बोले, ई-रिक्शा संचालक

प्रशासन की मनमानी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हम ई-रिक्शा संचालकों से चालान काटने के नाम पर पांच-पांच हजार रुपये की अवैध वसूली की जा रही हैं, जो गलत है। रिक्शा संचालन कर परिवार को पालते हैं। अगर ऐसा ही चलता रहा तो हम लोग भूखों मर जाएंगे। - मतलूब, मोहल्ला आवास विकास


बिना चेसिस वाले ई-रिक्शा संचालकों के लिए प्रशासन को कोई विकल्प देना चाहिए। प्रशासन विकल्प तो दे नहीं पा रहा है, कार्रवाई कर परेशान किया जा रहा है। अगर प्रशासन ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो हम लोग हड़ताल करेंगे। -नाजिम, मोहल्ला होरीलाल


प्रशासन ने हमारा ई-रिक्शा पकड़कर बंद कर दिया। बाद में पांच हजार रुपये का चालान कर दिया। चालान की कोई रसीद भी नहीं थी। प्रशासन का साफ कहना है कि बाजार में ई-रिक्शा नहीं चलते दिए जाएंगे। अब ऐसे में हम लोग करें तो क्या करें। - नेतराम, शहर निवासी


गैर पंजीकृत ई-रिक्शा संचालकों को सात दिन का समय दिया गया है। तय समय में पंजीकरण न कराने पर अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। वहीं बिना चेसिस नंबर के रिक्शों को किसी भी दशा में संचालित नहीं होने दिया जाएगा। - प्रवीण कुमार लक्षकार, डीएम

कलेक्ट्रेट परिसर में विरोध जताते ई-रिक्शा चालक । संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें