व्यापारी, जनता एवं बेरोजगारोें द्वारा विभिन्न आवेदनों के समय राज्य सरकार के खातें में धनारशि जमा की जाती है। इसके लिए चालान से शुल्क जमा करने को बैंकों में लंबी लाइन लगानी पड़ती है। इस समस्या से बचने और ई-बैंकिंग का लाभ देने के लिए राज्य सरकार ने प्रदेश में ई-रिसीट व्यवस्था लागू कर दी है। इसके तहत सरकारी खाते में सीधे ई-चालान के माध्यम से भुगतान किया जा सकेगा। प्रमुख सचिव राहुल भटनागर ने इस बाबत सभी विभागों व कोषागार को पत्र भेजा है। ई-रिसीट के लिए सरकारी पोर्टल ‘डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट राजकोष डॉट यूपी डॉट एनआईसी डॉट इन’ पर लॉगआन कर जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
पोर्टल पर उपलब्ध हैं तीन विकल्प
(1) बिना रजिस्ट्रेशन के जमा: इस विकल्प में जमाकर्ता बिना पूर्व रजिस्ट्रेशन के धनराशि जमा कर सकते हैं। इसके लिए सीधे ई-पेमेंट से अथवा बैंक के माध्यम से धनराशि जमा की सकती है।
(2) न्यू रजिस्ट्रेशन: जिन जमाकर्ताओं को नियमित धनराशि जमा करनी है वह वेबसाइट पर पंजीकरण कराकर यूजर आईडी और पासवर्ड प्राप्त कर सकते हैं ताकि बार बार विवरण भरने से बचा सकेगा।
(3) सर्च चालान: इस विकल्प से वेबसाइट पर जनरेट किसी भी ई चालान को खोजा जा सकता है।
कैसे जमा होगी धनराशि
राजकोष में धनराशि जमा करने को वेबसाइट पर जाना होगा। इसमें संबंधित विभाग और उससे जुड़े कालम खुलते हैं। धन जमा करने का विवरण भरने के बाद ई-पेमेंट अथवा बैंक के माध्यम से इसमें धनराशि जमा की जा सकेगी।
आदेश प्राप्त होने के साथ ही जिले में ई रिसीट व्यवस्था लागू कर दी गई है। इसके लिए एसबीआई की ब्रांच से कोषागार को लिंक किया गया है। जल्द ही अन्य शाखाओं में भी ई रिसीट की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
रामनरेश शर्मा, मुख्य कोषाधिकारी