जम्मू कश्मीर के लेह लद्दाख में तैनात आर्मी के हवलदार माधोटांडा थाना क्षेत्र के मझारा ताल्लुके महाराजपुर निवासी सतनाम सिंह की तीन दिन पूर्व हुई गोलाबारी के दौरान हार्ट अटैक आ गया। इससे उनकी मौत हो गई। उनका शव रविवार सुबह गांव लाया गया। जहां सलामी देने के बाद गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।
जरनैल सिंह के 38 वर्षीय पुत्र सतनाम सिंह की 21 वर्ष पूर्व 95 फील्ड रेजीमेंट में एक सैनिक के रूप में तैनाती हुई थी। फील्ड के सूबेदार भूपेंद्र सिंह व गिरीश भट्ट ने बताया कि करीब डेढ़ वर्ष पूर्व हवलदार सतनाम की तैनाती लेह लद्दाख के अनंतताल पोस्ट पर हुई थी। तीस अक्तूबर को वह अपने साथियों के साथ पेट्रोलिंग पर निकले थे। इसमें सतनाम भी शामिल थे।
पेट्रोलिंग के दौरान ही दूसरी ओर से फायरिंग शुरू हो गई। दुश्मनों से मोर्चा लेने के दौरान सुबह करीब साढ़े नौ बजे सतनाम सिंह को अचानक हार्ट अटैक आ गया और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हादसे की सूचना गांव समेत आसपास क्षेत्रों में पहले ही आग की तरह फैल चुकी थी। रविवार को शव आने की जानकारी पर तमाम क्षेत्रवासी अपने सैनिक को अंतिम विदाई देने पहुंच गए। जहां सलामी देने के बाद हवलदार सतनाम का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
बूढे़ पिता बोले शायद रब को यही था मंजूर
सतनाम सिंह की मौत की खबर पर पर मां गुरदीप कौर व पत्नी जसवीर कौर तड़प उठे। वहीं बेटे को सेना में भेजने वाले वृद्ध पिता जरनैल सिंह सभी को ढांढस बांधते नजर आए। वह आंसुओं को रोकने की कोशिश करते हुए बोले शायद रब को यही मंजूर था। सतनाम की 12 वर्षीय बेटी पवनदीप व नौ वर्षीय बेटा सतप्रीत पिता की मौत पर गुमसुम नजर आए।
बीमार पिता से छिना सहारा
सतनाम सिंह के वृद्ध पिता जरनैल सिंह पिछले लंबे अरसे से गुर्दे की बीमारी से जूझ रहे हैं। सतनाम सिंह के छोटे भाई सुखविंदर सिंह ने बताया कि पिता को महीने में दो बार डायलिसिस कराने लखनऊ जाना पड़ता है। अब बड़े भाई के चले जाने से उनकी कमी तो खलेगी ही।
दो माह में होने वाला था प्रमोशन
सतनाम सिंह के परिवार वालों के मुताबिक सतनाम ने कुछ दिन पूर्व ही अपना प्रमोशन होने की बात बताई थी। इसको लेकर वह काफी खुश थ्रा।