पीलीभीत। शासनादेश के अनुसार लंबे मार्ग पर जाने वाली बसों पर दो चालकों को सफर पर भेजने का नियम है, लेकिन पीलीभीत डिपो से एक चालक को ही भेजा जा रहा है। ऐसे में चालक को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। साथ ही हादसे की आशंका भी बनी रहती है।
पीलीभीत डिपो से करीब 103 बसों का संचालन किया जाता है। विभाग के पास मौजूदा समय में 22 नियमित व 160 संविदा चालक हैं। 40-50 चालक छुट्टी पर रहते हैं। ऐसे में कम चालक होने की वजह से दिल्ली, कानपुर, लखनऊ, आगरा हरिद्वार आदि के लिए संचालित बसों पर महज एक चालक को ही भेजा जाता है।
ऐसे में सफर के दौरान खतरा बना रहता है। इस संबंध में एआरएम पवन कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि चालकों की कमी है। जिनकी भर्ती के लिए प्रयास भी किए जा रहे है। जल्द ही व्यवस्था को सुधार लिया जाएगा।