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बंद रहीं दवा की दुकानें; भटकते रहे जरूरतमंद

Wed, 14 Oct 2015 11:19 PM IST
पीलीभीत।
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ई-फार्मेसी और फार्मासिस्ट की बाध्यता के विरोध में जिले भर के मेडिकल स्टोर बंद रहे। देशव्यापी आह्वान पर दवा कारोबारियों ने सांकेतिक हड़ताल कर शहर में जुलूस निकाला। बाद में प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। इधर मेडिकल स्टोर बंद होने से तमाम मरीज व तीमारदार भटकते रहे। कारोबारियों के मुताबिक हड़ताल के चलते करीब पांच करोड़ का कारोबार प्रभावित होने का अनुमान है।
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ऑल इंडिया आर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट के देशव्यापी आह्वान पर जिले भर के दवा कारोबारी बुधवार को सांकेतिक हड़ताल पर रहे। इससे दवा की दुकानें बंद रही। ड्रिस्टिक केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले जिले के दवा कारोबारी बुधवार सुबह सुनगढ़ी तिराहे के पास एएम शापिंग कॉप्लेक्स में जमा हुए।

यहां हुई सभा में एसोसिएशन के जोन अध्यक्ष शिवहरी अग्रवाल ने कहा कि ऑनलाइन फार्मेसी का खामियाजा उपभोक्ताओं के साथ साथ दवा कारोबारियों को भी भुगतना पड़ेगा। केमिस्ट इसे कत्तई बर्दाश्त नहीं करेंगे। अध्यक्ष राघवेंद्र नाथ मिश्रा ने कहा कि फार्मासिस्ट की बाध्यता कर दवा कारोबारियों का उत्पीड़न करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके खिलाफ मुहिम जारी रहेगी। यदि मांगों को पूरा नहीं किया जाता है तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।
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 सभा के बाद दवा कारोबारियों ने स्टेशन रोड पर एकत्र होकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। वहां से जुलूस की शक्ल में जेपी रोड, वेलों वाला चौराहा होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। वहां उन्होंने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री व कमिश्नर फूड एंड ड्रगिस्ट एडमिनिस्ट्रेशन को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। ज्ञापन में सभी खुदरा दवा दुकानों को फार्मासिस्टों के आधार पर नवीनीकरण नहीं करने, ड्रग लाइसेंस के आधार पर नवीनीकरण करने, ई-फार्मेसी पर रोक लगाने समेत कई मांगें की गईं।
जोन अध्यक्ष शिवहरी अग्रवाल, अध्यक्ष राघवेंद्रनाथ मिश्रा, सचिव मनोज जायसवाल, आलोक बंसल, विनोद तिवारी, अमरजीत सिंह, संजय जिंदल, रविंद्र भारद्वाज, शिवदास अवस्थी, पीयूष अग्रवाल, अनिल भटनागर, आरआर हांडा, बब्बू आदि प्रमुख रूप से जुलूस व विरोध प्रदर्शन में शामिल रहे।  
भटकते रहे मरीज व तीमारदार
जिले में करीब 1500 मेडिकल स्टोर हैं। बुधवार को हड़ताल के चलते जिले भर के मेडिकल स्टोर बंद रहे। मेडिकल स्टोर बंद होने से दवा लेने आए शहर व दूरदराज क्षेत्रों के मरीजों व उनके तीमारदारों को खासी दिक्कतें हुई। दिन भर इंतजार के बाद शाम को बिना दवा लिए ही उन्हें बैरंग लौटना पड़ा।
पांच करोड़ का कारोबार प्रभावित
दवा व्यवसायियों की मांगे जायज हैं। इससे उपभोक्ताओं के साथ-साथ कारोबार से जुड़े लोग भी खासे प्रभावित होंगे। हड़ताल के चलते जिले भर में करीब पांच करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित होने की संभावना है।
- शिवहरी अग्रवाल, जोन अध्यक्ष
अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
ई-फार्मेसी व फार्मासिस्ट की बाध्यता कर केमिस्टों के उत्पीड़न का प्रयास किया जा रहा है। यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो जल्द ही अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।
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- राघवेंद्र नाथ मिश्रा, जिलाध्यक्ष, ड्रगिस्ट एसोसिएशन
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