पीलीभीत। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच मरीजों की भी जेब पर बोझ बढ़ गया है। बाजार में मई से रोजमर्रा की दवाओं पर 15-20 प्रतिशत के दामों में उछाल आया है। ऐसे में मार्जन निकालने के साथ बाजार में व्यापार नियंत्रित करना जहां कारोबारियों की चिंता का विषय बन गया है। वहीं मरीज भी अब सॉल्ट की दवाएं छोटी कंपनियों में तलाश रहे हैं।
कच्चे माल में बढ़े दामों के चलते पिछले दो माह पहले जहां कैप्सूल के बाजार में दाम बढ़ गए थे। अब मई की शुरूआत से ही दवाओं की एमआरपी पर मरीजों को रेट 15-20 प्रतिशत तक बढ़ हुए मिल रहे हैं। शुगर, बीपी, लीवर, एसिडिटी, विटामिन जैसी आम दवाओं पर दस से बीस प्रतिशत तक का उछाल हुआ है। बाजार में अब दवाओं पर 20-25 रुपये प्रति पत्ता तक दाम बढ़ गए हैं। ऐसे में पहले से महंगाई के चलते जहां व्यापारी अब दवाओं पर बढ़े दाम के चलते व्यापार नियंत्रित करने में जुटा हुआ है। वहीं, मरीजों की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है। हालांकि व्यापारियों का मानना है कि मई के माह में अभी लगभग दवाओं पर दाम बढ़ने की उम्मीद है। संवाद
इन दवाओं के बढ़े दाम अप्रैल मई
1. कैल्शियम व विटामिन डी 3 118 130
2. यूर्सोडिऑक्सीकॉलिक (लीवर संक्रमण) 924 1016
3. डैक्सोलेक (दूध का डब्बा) 470 495
4. ग्लिमस्टार (शुगर) 117 129
5. एमलोकाइंड वन (ब्लड प्रेशर) 55 61
6. लिव 52 सीरप (लीवर संक्रमण) 328 351
7. डाइजीन सीरप (एसिडिटी) 173 180
8.गुडसेफ (बच्चों की एनटिवाइटिक) 84 92
9. वेटनोवेट क्रीम (खुजली) 62 68
10. इवीओन (विटामिन सी) 81 89
व्यापारी चिंतित
दवाओं पर मई माह से नए रेट आ गए हैं, जो कि 10-20 प्रतिशत तक महंगे हैं, ऐसे में ग्राहकों को नए स्तर से संतुष्ट करना व व्यापार नियंत्रित करना चुनौती हो गया है। - पीयूष अग्रवाल, दवा कारोबारी