पीलीभीत। तेज और लापरवाही से थ्री व्हीलर चलाने के कारण एक व्यक्ति की मौत के 17 साल पुराने मामले में अदालत ने चालक को दोषी करार दिया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीकांत गौरव ने आरोपी को दो वर्ष के कारावास और सात हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने आदेश दिया कि जुर्माने की धनराशि जमा होने पर उसमें से पांच हजार रुपये मृतक के परिजनों को दिए जाएं।
मामला 14 जून 2009 का है। शहर के मोहल्ला मोहम्मद फारूख निवासी मोहम्मद शफी ने जहानाबाद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह सुबह करीब 10 बजे ग्राम कनाकोर से पुल खमरिया जाने के लिए थ्री व्हीलर में सवार हुए थे। उनके साथ दामाद सहादत और चार-पांच अन्य यात्री भी थे। आरोप था कि चालक वाहन को तेज गति और लापरवाही से चला रहा था।
रिपोर्ट के मुताबिक, खमरिया गांव से पहले कुलवार मंदिर मोड़ पर थ्री व्हीलर मुड़ते समय अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में सहादत वाहन के नीचे दब गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। अन्य सवारियां भी घायल हो गई थीं।
पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी करने के बाद आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों को सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने बरखेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम रम्पुरा निवासी अखिलेश कुमार को दोषी पाया। इसके बाद उसे दो वर्ष की कैद और सात हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।