पीलीभीत। जिले के युवाओं के स्वरोजगार के सपनों में बैंक बाधा बन रहे हैं। आवेदन के बाद युवाओं को चक्कर काटना पड़ रहा है। आवेदन पर बैंक स्वीकृति तो देता नहीं, कारण बताकर निरस्त करने में भी हीलाहवाली की जा रही है। सबसे खराब हाल मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना का है। वहीं मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की भी स्थिति ठीक नहीं है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में अब तक सिर्फ 456 आवेदन ही स्वीकृत हो सके हैं।
जिले में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना का लक्ष्य बैंकों की मनमानी में फंसकर रह गया है। योजना में 18 से 40 आयु वर्ग के आवेदकों को स्वरोजगार के लिए बिना गारंटी के ऋण मुहैया कराया जाना है। जिले का लक्ष्य 1700 इकाइयों का है। अब तक 2394 आवेदन बैंकों को भेजे गए हैं।
बैंकों ने अब तक सिर्फ 456 आवेदन पर ही ऋण स्वीकृत किए हैं। वितरण की रफ्तार और भी सुस्त है। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार और ओडीओपी मार्जिन मनी वितरण योजना की स्थिति भी खराब है। बैंकों की हीलाहवाली से युवाओं के स्वरोजगार के सपनों को पंख नहीं मिल पा रहे हैं। चक्कर काटने के बाद भी आवेदकों को स्वरोजगार योजनाओं का लाभ मिल पा रहा है।
किस योजना का कितना लक्ष्य और बैंकों में गए आवेदन
योजना लक्ष्य बैंकों में किए आवेदन स्वीकृति
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी 1700 2394 456
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार 123 81 31
ओडीओपी मार्जिन मनी 14 19 4
(नोट: योजनाओं का लक्ष्य वित्तीय वर्ष 2025-26 का है। आंकड़े उद्योग कार्यालय के अनुसार।)
स्टेट बैंक ने 498 आवेदनों में 345 किए निरस्त
सीएम युवा उद्यमी विकास योजना में बैंकों ने अब तक 1200 से अधिक आवेदन निरस्त किए हैं। सबसे खराब स्थिति स्टेट बैंक की है। स्टेट बैंक में 498 आवेदन भेजे गए, जिसमें 345 निरस्त कर दिए गए। एक्सिस बैंक को 20 आवेदन भेजे गए। बैंक ने अब तक एक भी आवेदन पर ऋण स्वीकृत नहीं किया है। चार आवेदन निरस्त किए हैं। एचडीएफसी बैंक ने 61 में सिर्फ एक आवेदन स्वीकृत किया, 54 आवेदन निरस्त किए गए हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा ने 868 आवेदन में 169 को ऋण स्वीकृत किया। निरस्त आवेदनों की सबसे अधिक संख्या स्टेट बैंक की है।
बैंकों का अपेक्षाकृत सहयोग नहीं मिल रहा है। योजनाओं में जिले की रैंक भी नीचे जा रही है। समीक्षा बैठकों में निर्देश के बाद भी बैंक ध्यान नहीं दे रहे हैं। वित्त महाप्रबंधक को पत्र भेजा जाएगा।- संजय कुमार सिंह, उपायुक्त उद्योग
स्वरोजगार योजना के लाभार्थियों को 50 हजार रुपये का अनुदान
पीलीभीत। प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के घटक ग्रांट इन एड योजना के तहत समूहों को 50 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। योजना के तहत लाभार्थियों को निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसकी पात्रता के लिए अभ्यर्थी को न्यूनतम तीन लोगों का समूह या क्लस्टर बनाकर अपनी इकाई स्थापित करनी होगी। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय में संपर्क किया जा सकता है। संवाद