पीलीभीत। शहर में बिना स्लैब के खुले पड़े नाले खतरों का सबब बने हुए हैं। इससे आए दिन लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं। स्टेशन मार्ग सहित बाजार में यह देखने को अमूमन मिल जाता है। इसके बाद भी जिम्मेदार कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर पाए हैं। जबकि, मानक है कि निर्माण के दौरान ही नालों पर स्लैब डाले जाएंगे।
हाल ही में नगर पालिका क्षेत्र में नौ करोड़ रुपये से नए 27 नाले बनाए गए हैं। इन सभी नालों के बनने के बाद सीमेंट स्लैब नहीं लगाए गए। यह नाले गांधी स्टेडियम रोड, स्टेशन रोड, विशाल टॉकीज, बाजार, डिग्री कॉलेज रोड, नई बस्ती सहित कई जगह बने हैं। बाजार में व्यापारियों की दुकानों के आगे खुले नालों की वजह से काफी समस्या होती है। कई बार रात में राहगीर इन नालों में गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं।
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पुरानी समस्या, लेकिन किसी ने नहीं दिया ध्यान
नगर पालिका के खुले नालों की यह समस्या कोई आज की नहीं है। वर्तमान चेयरमैन से पहले पूर्व चेयरमैन के सामने भी खुले नाले को बंद करने को लेकर कई बार शहर के लोगों ने अपील की, लेकिन कभी इस समस्या को गंभीरता से नहीं लिया गया। शहर के अधिकांश नाले खुले पड़े हैं। जरा सी बारिश में जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है।
खुले नालों में पड़ता कूड़ा, हो जाते चोक
नगर पालिका हर साल लाखों रुपये खर्च कर शहर के नालों को तलीझाड़ साफ कराती है, लेकिन कुछ माह बीतने के बाद ही यह गंदगी से चोक हो जाते हैं। इसका मुख्य कारण खुले नाले होने से है। आए दिन लोग नाले को खुला देखकर उसमें कूड़ा फेंक देते है। इससे नाले जल्दी चोक हो जाते हैं।
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82 लाख का बजट सिर्फ प्रस्ताव तक ही रह गया सीमित
शहर में नालों को बंद करवाने की लिए सीमेंट स्लैब डालने को लेकर नगर पालिका में पूर्व अवर अभियंता इंद्रजीत द्वारा 82 लाख रुपये का बजट बनाकर कर शासन को भेजा गया था।अवर अभियंता के तबादले के बाद दोबारा नगर पालिका में किसी जिम्मेदार ने इसका संज्ञान लेना जरूरी नहीं समझा।
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दो माह में कई बार लोग हुए चोटिल
इन खुले नालों में गिरने से बीते दो माह में कई बार लोग चोटिल हो चुके हैं। विशाल टॉकीज के बाहर एक व्यक्ति का पैर अचानक नाले में चला गया। इससे वह नाले में गिर गया। हालांकि मंदिर के बाहर एकत्र हुए लोगों ने उसको बचा लिया। वहीं, मीना बाजार के बाहर खुले नाले में लगभग दो सप्ताह पहले एक व्यक्ति बाइक सहित नाले में गिर गया, इससे उसके काफी चोट आई, गंभीर स्थिति में उसको नाले से निकाला गया। इसी के साथ डिग्री कॉलेज रोड स्थित एक सप्ताह पहले 11 बजे एक ई-रिक्शा चालक खुले नाले में पेशाब करने के लिए आगे बढ़ा, लेकिन उसका पैर नाले में जाने से वह गिर गया।
वर्जन
नए व पुराने नालों को कवर्ड किया जाएगा। इसको लेकर कार्ययोजना बनाई जा रही है। जल्द ही नाले बंद किए जाएंगे।
संजीव कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद