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Pilibhit News: डॉक्टर थमा रहे बाहर की पर्ची, 200 से 300 रुपये की दवा खरीद रहे मरीज

Sat, 11 Jan 2025 03:28 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
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पीलीभीत के जिला चिकित्सालय में मरीज देखते चिकित्सक।संवाद - फोटो : संवाद
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पीलीभीत। मेडिकल कॉलेज के अधीन जिला अस्पताल में बाहर की दवा पर्ची का खेल चल रहा है। मरीजों को अस्पताल के पर्चे के साथ बाहर की तीन से चार दवाएं लिखी पर्ची थमाई जा रहीं हैं। दवा खरीदने में मरीज काे 200 से 300 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं।
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जिला अस्पताल में शुक्रवार को पड़ताल के दौरान करीब 1120 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। सबसे ज्यादा भीड़ फिजीशियन कक्ष के बाहर थी। दोपहर करीब 1:10 बजे फिजिशियन कक्ष संख्या-12 में 10 से 15 मरीज चिकित्सक से परामर्श ले रहे थे। अधिकांश मरीज सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार से पीड़ित थे।
कक्ष में चिकित्सक के अलावा दो जेआर भी मौजूद थे। मरीजों को अस्पताल के पर्चे के साथ एक पर्ची भी थमाई जा रही थी। इस पर्ची पर बाहर की दवाएं लिखी जा रही थीं। किसी को दो, किसी मरीज को तीन या चार दवाएं बाहर से खरीदने को बोला जा रहा था। दवा काउंटर पर पहुंची गांव बरहा की रहने वाली रीना देवी ने बताया कि समस्या होने पर दवा लेने आई थी। अस्पताल की दवा तो मिल गई, लेकिन कई दवाएं डॉक्टर ने बाहर से भी लिख दीं। सीनू ने बताया कि सीटी स्कैन कराना था, चिकित्सक ने वापस कर दिया। कहा कि अगले दिन आना। पुराने पर्चे से दवा ले रहे हैं। कुछ बाहर से भी लेनी है।
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नरेंद्र ने बाहर से खरीदी 200 रुपये की दवा, मां को भी थमाई पर्ची
ललौरीखेड़ा के रहने वाले नरेंद्र कुमार, उनकी मां और एक अन्य परिजन दवा लेने अस्पताल पहुंचे थे। चिकित्सक ने तीनोंं को बाहर की पर्ची थमा दी। बाहर से खरीदकर लाए 200 रुपये की दवा दिखाते हुए नरेंद्र ने कहा कि सभी को पर्ची दी जा रही है। मरीज दवा कैसे खरीदे चिकित्सक को इससे मतलब नहीं है। इसके अलावा मां और बहन को भी अलग से पर्ची थमा दी। दवाएं बाहर से लेने की सलाह दी।

काउंटर से पूरी नहीं मिली दवा, बाहर से खरीदेंगे
जिला अस्पताल में शुक्रवार की दोपहर काउंटर से लोगों को कम दवा मिलीं। मरीजों का कहना था कि मजबूरी है बाहर से ही खरीदनी होंगी। रामकन्या को दवा काउंटर से पूरी दवा नहीं मिली। अजय के पर्चे पर लिखी गई दवाओं में सीरप नहीं मिला। खेमकरन को लिखी गई पांच दवाओं में महज दो दवाएं ही मिल सकीं।

चिकित्सक ने अस्पताल के पर्चे पर करीब दस दवाइयां लिखी हैं। इसके अलावा चिकित्सक ने एक अलग से भी पर्ची थमा दी। इसमें तीन दवाएं बाहर से लेने के लिए कहा है। मजबूरी है लेना ही पड़ेगा।- झाझनलाल।

चिकित्सक ने सरकारी पर्चे पर करीब पांच दवाएं लिखीं। हमने कहा नहीं, फिर भी एक पर्ची थमा दी है। इसमें दो दवाएं लिखी हैं, जो बाहर मेडिकल से लेने के लिए कहा है।- ममता।
जिला अस्पताल में एमआर का भी रहता है जमावाड़ा
जिला अस्पताल में चिकित्सकों के कक्ष में कई दवा कंपनियों के कर्मचारियों का भी आना-जाना रहता है। चिकित्सक के द्वारा बताई गई दवा अस्पताल के बाहर स्थित मेडिकलों पर उपलब्ध कराई जाती है। पर्ची का खेल इसी वजह से फल-फूल रहा है।

पीलीभीत के जिला चिकित्सालय में मरीज देखते चिकित्सक।संवाद- फोटो : संवाद

पीलीभीत के जिला चिकित्सालय में मरीज देखते चिकित्सक।संवाद- फोटो : संवाद

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