फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pilibhit News: प्रसूता की मौत के मामले में डाॅक्टर कोर्ट में तलब

विज्ञापन
विज्ञापन
पीलीभीत। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मंगलदेव सिंह ने प्रसूता की मौत के मामले में डाॅ. शैलेंद्र गंगवार को 15 जून को अदालत में तलब किया है।
विज्ञापन

परिवादी थाना बरखेड़ा क्षेत्र के निवासी विमलेश कुमार के मुताबिक, पत्नी रीना को 22 अक्तूबर 2019 की रात को प्रसव पीड़ा होने पर उसे सीएचसी बरखेड़ा ले गए। वहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहां पहुंचने पर चिकित्सक ने प्राइवेट अस्पताल में प्रसव कराने की सलाह दी। वह पत्नी को लेकर कई प्राइवेट अस्पतालों में गए, लेकिन कहीं भी डऍक्टर नहीं मिले। 23 अक्टूबर 2019 को सुबह करीब तीन बजे टुकटुक के जरिए वह पत्नी को लेकर डाॅ. शैलेंद्र गंगवार के गोदान अस्पताल पहुंचा। वहां उसकी पत्नी को डाॅ. शैलेंद्र गंगवार की पत्नी स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डा. सविता गंगवार के नाम पर भर्ती कर लिया।
सुबह करीब आठ बजे उनकी पत्नी का आपरेशन कर जुड़वां बच्चे होने के बारे में बताया गया। दोपहर में ब्लड की डिमांड की गई। वो भी उपलब्ध करवा दिया गया। रात करीब नौ बजे पत्नी को होश आया तो वह दर्द से छटपटा रही थी। यह बात डाॅ. शैलेंद्र को बताई तो उन्होंने अत्यधिक ब्लीडिंग होना बताते हुए उसे कोई इंजेक्शन लगा दिया, जिससे वह गहरी नींद में सो गई। अगले दिन सुबह उसके न उठने पर डाॅ. गंगवार को बताया तो उन्होंने चेक कर कहा कि वह गहरी बेहोशी में है। उसे किसी हायर सेंटर पर ले जाओ। तब वह पत्नी को बरेली के एक निजी अस्पताल ले गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहां के डाॅक्टर ने मरीज की स्थिति के बारे में बताया कि वह गलत इंजेक्शन लगने की वजह से कोमा में है। इसी हालत में 29 अक्तूबर को पत्नी की मौत हो गई। आरोप लगाया है कि जानकारी करने पर पता चला कि जिन स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डाॅ. सविता गंगवार के नाम पर उसकी पत्नी को भर्ती किया था। वह मात्र बीएएमएस थीं। उसकी पत्नी के ऑपरेशन के समय वह अस्पताल में नहीं थीं। ऑपरेशन से पहले मरीज को नशा देने के लिए किसी निश्चेतक को भी नहीं बुलाया था। पत्रावली का अवलोकन और प्रकरण की सुनवाई के बाद अदालत ने मामले में आरोपी डाक्टर को तलब किया है। संवाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें