पीलीभीत। डीएम ज्ञानेंद्र सिंह की अध्यक्षता में गोमती नदी के पुनर्जीवन, जीर्णोद्धार एवं जल संरक्षण कार्यों को गति देने के लिए औद्योगिक एवं व्यावसायिक भूजल उपभोक्ताओं के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित की गई।
बैठक में भूजल दोहन करने वाली इकाइयों को कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत गोमती नदी के संरक्षण और भूजल रिचार्ज कार्यों में सहयोग करने को कहा गया। डीएम ने कहा कि गोमती नदी की अविरल और निर्मल धारा को पुनर्जीवित करने के लिए प्रशासन विभिन्न स्तरों पर कार्य कर रहा है। इसी के चलते औद्योगिक एवं व्यावसायिक संस्थानों को भी जल संरक्षण की जिम्मेदारी निभानी होगी।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश भूगर्भ जल प्रबंधन एवं विनियमन अधिनियम-2019 के तहत भूजल का उपयोग करने वाली इकाइयों को सीएसआर के माध्यम से विभिन्न ग्राम पंचायतों में गोमती नदी के जीर्णोद्धार एवं भूजल रिचार्ज से जुड़े कार्य आवंटित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों द्वारा नदी संरक्षण के लिए कार्य कराए जा रहे हैं।