घोटालों की जांच लंबित होने के बाद भी ग्राम पंचायत अधिकारी प्रेमशंकर की तैनाती उसी गांव में कर दी गई। इसपर डीएम ने डीपीआरओ से संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारी की पत्रावली तलब की है। अमरिया ब्लाक के ग्राम पंचायत अधिकारी प्रेमशंकर टांडा बिजैसी में तैनात थे। इस दौरान पर वित्तीय अनियमितता के आरोप लगे थे। इसकी तहसीलदार द्वारा की गई जांच में आरोप सही पाए गए थे लेकिन डीएम ने पुन: दो सदस्यीय टीम बनाकर जांच के आदेश दिए जो चल रही है। इस दौरान मार्च 2016 में डीएम ने जिले के सभी ग्राम पंचायत अधिकारियों के गांव व ब्लाक बदल दिए जिसमें प्रेमशंकर को अमरिया से ललौरीखेड़ा ब्लाक भेज दिया गया। कुछ दिनों बाद प्रेमशंकर को जिला मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया। इसके बाद करीब 10 दिन पूर्व पुन: अमरिया ब्लाक में वापस कर टांडा बिजैसी सहित आठ ग्राम पंचायतों का चार्ज दे दिया गया। इसकी जानकारी होने पर टांडा बिजैसी के प्रधान सहित कई लोग शिकायत करने पहुंचे थे लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। बुधवार को मामला पुन: संज्ञान में आने पर डीएम ने मामले की जानकारी ली और डीपीआरओ शशीकांत पांडेय एवं तत्कालीन डीपीआरओ देवेंद्र कुमार को संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारी की पत्रावली सहित तलब किया है। डीएम ने बताया कि मामले की पूरी पड़ताल की जाएगी। यदि गलत तरीके से पोस्टिंग हुई है तो कार्रवाई भी की जाएगी।