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प्रधान के पावर सीज, सचिव पर एफआईआर के निर्देश

Sat, 27 Jan 2018 06:44 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,पीलीभीत
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DM Sheetal verma
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विकास खंड मरौरी की ग्राम पंचायत नावकुंड में सरकारी धन के दुरुपयोग मामले में डीएम शीतल वर्मा ने ग्राम प्रधान ठाकुरदार के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए हैं। साथ ही पंचायत सचिव भगवानदास के खिलाफ एफआईआर कराने के निर्देश दिए गए हैं। इनको एक लाख 96 हजार 811 रुपये की रिकवरी का नोटिस भी जारी किया गया है। जिले में मनरेगा के धन से विकास कार्य के नाम पर लूट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।
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जांच में आरोपी पाए जाने पर कई सचिवों और ग्राम प्रधानों समेत अन्य पर हुई कार्रवाई के बावजूद सरकारी धन के दुरुपयोग करने से लोग बाज नहीं आ रहे। मरौरी ब्लॉक की नावकुंड ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत लाखों रुपये का विकास कार्य कराया गया। इसमें जमकर मानकों की अनदेखी की गई और सरकारी धन की बंदरबांट हुआ। गांव के कुछ लोगों ने विकास कार्यों में गड़बड़ी की शिकायत शपथपत्र से डीएम से की थी। इस पर डीएम ने इसकी जांच कराई तो मामला खुलकर सामने आया।
जांच अधिकारी ने जो रिपोर्ट दी, उसमें तमाम अनियमितताएं पाईं गईं। जिसके बाद सरकारी धन के दुरुपयोग मामले में प्रथम दृष्टया आरोपी मानते हुए डीएम शीतल वर्मा ने ग्राम प्रधान ठाकुरदास का वित्तीय और प्रशासनिक पावर सीज करने के साथ सचिव भगवानदास के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश जारी कर दोनों से एक लाख 96 हजार 811 रुपये की रिकवरी के निर्देश दिए हैं। सीडीओ डॉ. दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि डीएम के निर्देश पर आरोपी सचिव के खिलाफ एफआईआर कराई जा रही है और प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए गए हैं। डीएम मामले की जांच के लिए तीन डीपीआरओ की अगुवाई में तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी है। इसमें एक अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण व एक अवर अभियंता शामिल हैं।
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मामला डीएम तक पहुंचा तब हुई कार्रवाई 
भ्रष्टाचार के आरोपी प्रधान और सचिव के खिलाफ जिला विकास अधिकारी कार्यालय में महीनों पहले शिकायत की गई थी, लेकिन अधिकारियों और लिपिकों की लापरवाही के कारण महीनों तक मामला ठंडे बस्ते में पड़ा रहा। करीब दो माह पहले ग्रामीणों की शिकायत पर जब डीएम शीतल वर्मा ने जांच कराई तो मामला खुल गया। उनके निर्देश पर दोनों के खिलाफ कार्रवाई कर दी गई। 

दो और सचिव भी फंसे, होगी 2.60 लाख की रिकवरी 
पीलीभीत। अमरियां ब्लॉक के वर्तमान सचिव आरेंद्र गंगवार से दो लाख और तत्कालीन सचिव पीएन पांडे से 60 हजार रुपये की वसूली के भी आदेश जारी किए गए हैं। इन दोनों पर ग्राम पंचायत उदयपुर में प्रधानमंत्री आवास अपात्रों को देने का आरोप है। जांच में दोषी मिलने पर दोनों के खातों से इस धनराशि की रिकवरी की जाएगी। इसकी पुष्टि सीडीओ डॉ. दिनेश कुमार ने की है।
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