डीएम ने कार्यालय पहुंचते ही सबसे पहले प्रधान लिपिक विनय कुमार सिंह से कार्यालय में तैनात स्टाफ के बारे में जानकारी की तो वह सहीं जबाव नहीं दे पाए। स्टोर के निरीक्षण के दौरान बेतरतीब ढंग से रखे अभिलेखों को देखकर डीएम का पारा चढ़ गया। उन्होंने स्टोरकीपर कुलदीप सक्सेना की मौके पर जमकर फटकार लगाई। साथ ही सुधार न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। इतना ही नहीं समग्र गांवों में दिए गए शौचालयों का लक्ष्य पूरा न होने पर डीएम ने वीडीओ की भी फटकार लगाई। वीडीओ आर्येंद्र गंगवार के खिलाफ पत्रावली भेजने का भी बीडीओ को निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि काम न करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। डीएम के संज्ञान में जब यह आया कि पिछले तीन माह से चार्ज हैंड ओवर न होने की वजह से गांवों में विकास कार्य ठप पड़े हैं। इस पर उन्होंने बीडीओ डा. विवेकानंद गंगवार से शाम तक उन कर्मचारियों की सूची भी तलब की जिन्होंने अभी तक चार्ज हैंड ओवर नहीं किया है। मनरेगा कार्यों की एमआईएस फीडिंग 14 दिन की बजाय सात दिन के अंदर निपटाने का मनरेगा लिपिक मनीष माहेश्वरी को निर्देश दिया। इस मौके पर सीडीओ इंद्रदेव, ब्लाक प्रमुख वीरेंद्र सिंह यादव, तहसीलदार नन्हें लाल यादव, एडीओ पंचायत रूपलाल भी मौजूद रहे।
ट्रांसफर हो चुके दीवान के पास मिला मालखाने का चार्ज
बिलसंडा। थाने के निरीक्षण में मालखाने का चार्ज ट्रांसफर हो चुके हेड मोहर्रिर के पास होने की जानकारी पर वह दंग रह गए। साथ ही इस पर नाराजगी जताते हुए कार्रवाई के निर्देश सीओ को दिए। उन्होंने हवालात, शस्त्रागार, कार्यालय और आवासीय भवन व अभिलेखों का रखरखाव भी देखा। थाने पर मौजूद अभिलेखों के सही ढंग से संग्रह न होने पर नाराजगी जताई साथ ही थाने पर मौजूद अभिलेखों से संबधित एक रजिस्टर भी बनाने को कहा ताकि यह स्पष्ट हो सके कि थाने पर कितना रिकार्ड है। इस मौके पर सीओ सुबेग सिंह और एसओ राजेश यादव भी मौजूद रहे।