पीलीभीत। धान खरीद में चल रहे खेल पर सोमवार को जिलाधिकारी भड़क गए। मंडी समिति में धान क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया और गैरहाजिर चार केंद्र प्रभारियों को निलंबित कर दिया। डिप्टी आरएमओ से पूछा कि 1868 रुपये की जगह किसानों का धान 1200 में क्यों बिक रहा है। व्यवस्था जल्द संभाल लीजिए। अगर शासन को लिखापढ़ी कर दी तो मुश्किल में आ जाओगे। डीएम मंडी समिति के सचिव को भी फटकार लगाई। डीएम को एक्शन मोड में देख अफसरों को पसीना आ गया।
धान खरीद 12 दिन बाद भी ढर्रे पर नही आने से डीएम खफा थे। खरीद की हकीकत परखने के लिए डीएम पुलकित खरे सोमवार दोपहर मंडी समिति में क्रय केंद्रों का अचानक निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित मिले चार क्रय केंद्र प्रभारी पीसीएफ के सर्वेश अवस्थी, पीसीयू के अनुज कुमार, कर्मचारी कल्याण निगम के शिवराज सिंह को निलंबित कर दिया। मंडी परिसर के टिनशेड में आढ़तों के आगे भरे बोरे देख डीएम का पारा चढ़ गया। उन्होंने मंडी सचिव को फटकार लगाकर और कार्रवाई की चेतावनी दी। डीएम ने टिनशेड में सरकारी क्रय केन्द्रों को चुनावी प्रणाली के आधार पर लाइन से स्थापित करने को कहा। साथ ही प्रत्येक क्रय केन्द्र पर बड़ा बैनर लगाने के आदेश दिए। कहा- बैनर पर जिलाधिकारी, धान क्रय केन्द्र कंट्रोल रूम का नंबर लिखा जाए।
डिप्टी आरएमओ डॉ अविनाश झा को फटकार लगाते हुए कहा कि क्रय केन्द्रों पर आने वाले किसानों की संख्या को देखते हुए रविवार को भी समस्त केन्द्र खोले जाएं। मंडी गेट पर किसानों के लिए टोकन व्यवस्था की जाए। समस्त केन्द्र प्रभारी टोकन के आधार पर पहले आने वाले किसानों से धान खरीद करें। जिलाधिकारी ने कहा कि मंगलवार को सब टिनशेड खाली मिलने चाहिए, वरना कार्रवाई होगी। डीएम ने मौके पर मिले धान की नमी चेक कराई तो नमी का स्तर ठीक मिला। इसके बावजूद धान क्रय केन्द्रों पर नहीं खरीदे जा रहे थे।
हर हाल में किसानों को मिले समर्थन मूल्य का लाभ
जिाधिकारी ने डिप्टी आरएमओ से उन्होंने कहा कि मंडी में आने वाले किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ मिलना चाहिए। धान बिचैलियों के हाथों न बिकने दिया जाए। धान क्रय केन्द्र आरआरएफसी, आरआरएफसी-2, पीसीयू, यूपी एग्रो, यूपीएसएस, एसएफसी, एफसीआई, पीसीयू की दैनिक व अबतक खरीद लक्ष्य की समीक्षा की गई। केंद्रों का खरीद लक्ष्य पूरा न होने पर प्रभारियों का एक माह का वेतन रोकने के कडे़ निर्देश दिये । किसानों की शिकायत पर जब डीएम ने डिप्टी आरएमओ से सवाल किए तो वह नमी और ऑनलाइन प्रकिया का बहाना बनाने लगे। इस पर डीएम ने डिप्टी आरएमओ को फिर फटकारा लगाई। कहा कि प्रत्येक किसान का धान क्रय किया जाये, यदि अतिरिक्त कांटे की आवश्यकता हो तो उसे लगाना सुनिश्चित करें। डीएम की सख्ती देख किसानों ने जिंदाबाद के नारे भी लगाए। सिटी मजिस्ट्रेट अरुण कुमार सिंह, एसडीएम योगेश कुमार, रामदास, सीओ सिटी वीरेन्द्र विक्रम आदि मौजूद थे।
मंडी समिति में धान चेक करते डीएम पुलकित खरे- फोटो : PILIBHIT