पूरनपुर। शनिवार को तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस पर सुबह से ही फरियादी पहुंचने लगे। सुबह ठीक दस बजे डीएम और एसपी सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी संपूर्ण समाधान दिवस शिविर में पहुंचे इसके बाद अधिकारियों ने जनसमस्याओं की सुनवाई शुरू की।
इस दौरान डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि पंचायत चुनाव को लेकर गुटबाजी, चकरोड, रास्ते आदि के विवादों का निस्तारण समय रहते हो। उन्होंने विभिन्न विभागों के अफसरों को नसीहत देते हुए कहा कि ग्राम पंचायत सचिवालयों में रोस्टर के अनुसार पहुंचकर जनसमस्याओं, विवादों का समाधान कराएं। बड़ी समस्या होने पर समय रहते इसकी जानकारी उच्च अफसरों को दें।
संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे 40 फरियादियों में से तीन की समस्याओं का समाधान किया गया। गांव महादिया खास के ललित कुमार ने पड़ोसी पर गलत ढंग से उसके मकान की ओर खिड़की लगाने की शिकायत की। आरोप लगाया कि आरोपी पुलिस में होने के चलते अक्सर दबंगई दिखाने के साथ झूठे केस में फंसाने की धमकी देता है। राष्ट्रीय दिव्यांग पार्टी के जिलाध्यक्ष तनु मिश्रा के नेतृत्व में दिव्यांगों ने डीएम से मिलकर 75 प्रतिशत दिव्यांगता वाले दिव्यांगों को 80 प्रतिशत दिव्यांगता के अनुसार सुविधाओं का लाभ दिलाने, आवास दिलाने, अंत्योदय राशन कार्ड दिलाने, दिव्यांगों को होम डिलीवरी गैस की सुविधा दिलाने की मांग रखी। संपूर्ण समाधान दिवस में एसपी सुर्कीति माधव, एसडीएम मयंक गोस्वामी, पीडी हेमंत यादव, बीएसए रोशनी सिंह आदि जिला, तहसील स्तरीय अफसर मौजूद रहे।
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फरियादी बोले, समय पर नहीं हो रहा काम
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पत्नी शाहजहां बेगम जन्म से ही 90 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग है। पंजीकरण दो महीने पहले होने के बाद पत्नी को अब तक बैट्री वाली ट्राई साइकिल नहीं मिली। महीनों से अफसरों के चक्कर काट रहा हूं। समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
रहीस अहमद, ढका जमीमा पूरनपुर
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गांव में 30 बिजली उपभोक्ताओं को तीन दशक पहले कनेक्शन तो दे दिए गए, लेकिन उनके घरों के बाहर बिजली की लाइन नहीं डाली गई। उपभोक्ताओं ने 40 से 50 मीटर लंबी केबल डाल रखी है। अक्सर फाल्ट और अन्य समस्या होती है। खंभे न लगने, लाइन न पड़ने की शिकायत उच्च अफसरों से की। हर बार शिकायत का फर्जी निस्तारण दिखा दिया गया।
मुकेश चंद्र श्रीवास्तव, धर्मापुर
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मेरी मां भाग्यवती के अविवाहित भाई रामसरन की मौत के बाद कुछ लोगों ने उनकी जमीन की फर्जी वरासत करा ली थी। कोर्ट से वरासत को निरस्त के आदेश हुए। जमीन उसकी मां के नाम आ गई। फर्जी वरासत कराने वालों ने जमीन पर ऋण निकाल लिया। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर महीनों से अफसरों के चक्कर काट रहा हूं। समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
ओमप्रकाश यादव, साहूकारा लाइनपार
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रहीस अहमद
रहीस अहमद