डीजे पर प्रतिबंध लगने नाराज तमाम शिवभक्तों में रोष व्याप्त है। काला मंदिर पर एकत्र हुए गुस्साए तमाम भक्त थाना सुनगढ़ी पहुंचे और प्रतिबंध को तुगलमानी फरमान बताते हुए वहां मौजूद सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा और डीजे की अनुमति की मांग की। सिटी मजिस्ट्रेट ने डीएम के माध्यम से आज ही शासन को भेजने का आश्वासन दिया।
शासन ने सावन महीने में सांप्रदायिक उन्माद न भड़के इसको लेकर कांवरियों के जत्थे और मंदिरों पर डीजे आदि बजाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इससे शिव भक्तों में रोष है। शनिवार को तमाम शिवभक्त काला मंदिर पर एकत्र हुए और शासन के इस फरमान को तुगलमानी फरमान बताया। भक्तों व बड़ी संख्या में जुटे कांवरियों का कहना था कि जिले से हजारों की संख्या में लोग कांवर लेकर पैदल कछला और हरिद्वार जाते हैं और जल भरकर वापस आते हैं। भगवान के भजनों को सुनने के लिए ध्वनि विस्तारक यंत्र और डीजे का प्रयोग करते हैं, लेकिन शासन ने इस पर प्रतिबंध लगाकर अकबर के शासनकाल की याद दिलाता है। इसके बाद तमाम भक्त थाना सुनगढ़ी पहुंचे और वहां समाधान दिवस में समस्याएं सुन रहे सिटी मजिस्ट्रेट जितेंद्र कुमार शर्मा को तीन सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। भक्तों ने डीजे बजाने की अनुमति मांगी। सिटी मजिस्ट्रेट ने भक्तों को बताया कि शासन के आदेश पर रोक लगाई गई है। वह उनके ज्ञापन को शनिवार (आज) ही डीएम के माध्यम से शासन को भेजेंगे।