जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव का कार्यक्रम तय होने के साथ ही राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ गई हैं। अब तक सिर्फ सपा ने पूरनपुर विधायक की पुत्रवधू आरती को टिकट देकर अपने पत्ते खोले हैं। बाकी पार्टियां अभी खामोश हैं। वहीं भाजपा जिला संगठन से इतर केंद्रीय मंत्री का गुट तेजी से सक्रिय बताया जा रहा है और आवश्यक नंबर जुटाने को सदस्यों के साथ गुपचुप बैठक भी कर ली गई है। इससे जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव अब सीधे प्रदेश और केंद्र सरकार की प्रतिनिधियों की प्रतिष्ठा बनता दिख रहा है।
जिले में जिला पंचायत के 34 सदस्य हैं। इसमें सपा समर्थित सदस्यों की संख्या ठीकठाक है। वहीं सपा हाईकमान ने पूरनपुर विधायक पीतमराम की पुत्र वधू आरती देवी को प्रत्याशी घोषित किया है। लेकिन पार्टी के एक अन्य गुट के सक्रिय होने के कारण दो फाड़ होने के आसार दिख रहे हैं। सूत्रों की माने तो दूसरा गुट प्रत्याशी बदलवाने के लिए गुरुवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलने गोरखपुर गया हुआ है। बागी गुट को उम्मीद है कि सीएम उनकी बात जरूर सुनेंगे।
वहीं भाजपा की जिला संगठन इस चुनाव में नंबर पूरे न होते देख फिलहाल खामोश है। लेकिन केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी का गुट पिछले कई दिनों से सक्रिय होकर अंदर खाने तैयारी कर रहा है। खबर यहां तक है कि एक दिन पूर्व वन क्षेत्र के एक गेस्ट हाउस में केंद्रीय मंत्री के गुट से जीते जिला पंचायत सदस्य सहित करीब एक दर्जन से अधिक सदस्यों की बैठक हुई। इसमें केंद्रीय मंत्री के निर्देश पर सर्वसम्मति से एक किसान नेता का नाम भी जिला पंचायत अध्यक्ष पद के तय कर लिया गया है।
खबर है कि अध्यक्ष पद अपने पक्ष में करने के लिए अन्य दलों से भी संपर्क किया जा रहा है। बैठक में मौजूद एक सदस्य की मानें तो केंद्रीय मंत्री भी चुनाव के दिन शहर में मौजूद रहेंगी। वहीं बसपा में भी अंदर खाने प्रयास चल रहा है और नाराज गुटों से संपर्क कर गेेम बनाने की रणनीति बनाई जा रही है। वहीं केंद्रीय मंत्री के गुट के सक्रिय होने से अब चुनाव राज्य और केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों की प्रतिष्ठा बन सकता है।
जिला पंचायत की खबर का जोड़
भाजपा के पास सदस्यों की पर्याप्त संख्या नहीं है। इसलिए चुनाव लड़ने का विचार नहीं है। यदि कहीं से नंबर बन रहे हैं तो अच्छा है।
- सुरेश गंगवार, भाजपा जिलाध्यक्ष