जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए तीन प्रत्याशियों ने शुक्रवार को नामांकन कराया है। इसमें दो नामांकन सपा से है, जबकि तीसरा नामांकन भाजपा की केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी गुट की ओर से कराया गया है। सपा के दो नामांकन में एक डमी होने कारण सपा भाजपा में सीधा मुकाबला तय माना जा रहा है। वहीं जिले में तीसरे नंबर की कही जाने वाली बसपा अपना प्रत्याशी उतारने की हिम्मत ही नहीं जुटा सकी है।
पिछले दिनों हुए जिला पंचायत चुनाव में जिले में 34 सदस्य निर्वाचित हुए हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष पद यहां अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित है। शुक्रवार को अध्यक्ष पद के लिए नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ हुई। दोपहर 12.35 बजे सपा के पूरनपुर विधायक पीतमराम की पुत्रवधू आरती, विधायक के छोटे भाई की पत्नी मालती देवी, जिला पंचायत अध्यक्ष रुकैया आरिफ, सपा जिलाध्यक्ष आनंद सिंह यादव और जिला पंचायत सदस्य दीप्ति गंगवार के साथ कलेक्ट्रेट पहुंची। यहां सपा प्रत्याशी आरती ने डीएम मासूम अली सरवर के समक्ष नामांकन जमा किया। इसमें जिला पंचायत अध्यक्ष रुकैया आरिफ प्रस्तावक बनीं।
वहीं सपा की डमी प्रत्याशी के रूप में विधायक पीतमराम के छोटे भाई की पत्नी मालती देवी ने नामांकन किया। इसमें दीप्ति गंगवार प्रस्तावक बनीं। वहीं केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के पीआरओ रंजीत सिंह समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला पंचायत सदस्य आशा देवी पत्नी मलखान सिंह ने नामांकन कराया। इसमें मेनका गांधी के प्रतिनिधि एवं जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र टोनी प्रस्तावक रहे। नामांकन प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। नामांकन को लेकर कलेक्ट्रेट पर काफी गहमागहमी रही और हर कोई प्रत्याशियों की जानकारी लेने को उत्सुक दिखा।
कड़ी सुरक्षा में हुआ नामांकन
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के नामांकन के लिए प्रदेश और केंद्रीय सत्ता पक्ष के लोगों के आमने सामने होने के कारण पुलिस ने सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए थे। टनकपुर हाइवे से कचहरी जाने वाले तिराहे पर सुनगढ़ी इंस्पेक्टर ब्रजेश सिंह फोर्स के साथ मौजूद रहे और कचहरी की ओर जाने वाले प्रत्येक चौपहिया वाहन की चेकिंग करते रहे। वहीं कलेक्ट्रेट गेट पर बैरीकेडिंग के साथ एएसपी सुधीर कुमार सिंह, और सीओ और चार एसओ व पीएसी के साथ मौजूद रहे। बेरीकेडिंग के अंदर डीएम न्यायालय के बाहर भी पीएसी व पुलिस तैनात रही।
...और पीछे से पहुंच गए सपाई
नामांकन के लिए तैनात पुलिस, एलआईयू व अन्य लोगों को प्रत्याशियों के काफिले के टनकपुर हाइवे की ओर से आने का इंतजार था, लेकिन आरती का नामांकन कराने को सपाई पहले सीधे जिला पंचायत कार्यालय पहुंचे और वहां से पैदल ही पुलिस लाइन की ओर से होते हुए कलेक्ट्रेट के मेन गेट पर पहुंच गए। अचानक सभी को देख वहां खड़े सभी लोग भी हैरत में पड़ गए।
होता रहा इंतजार, नहीं हुआ चौथा नामांकन
जिला पंचायत अध्यक्ष के नामांकन के लिए कुल पांच पर्चे खरीदे गए थे। इसमें दो पर्चे आरती के नाम से जबकि बाकी तीन पर्चे क्रमश: मालती देवी, आशा देवी और रूचि सागर के नाम से खरीदे गए थे। दोपहर को 1.40 बजे तक तीन नामांकन हो जाने के बाद उम्मीद की जा रही थी कि केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी गुट की ओर से भी डमी प्रत्याशी के रूप में रूचि सागर का नामांकन जमा कराया जाएगा। लेकिन तीन बजे तक वह नामांकन कराने नहीं पहुंचीं जबकि अधिकारी उनका इंतजार करते रहे।