जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में सपा से डमी प्रत्याशी के रूप में कराया गया मालती देवी का नामांकन सोमवार को वापस हो गया। मालती देवी ने दोपहर को कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपना नामांकन पत्र वापस ले लिया। एक नाम वापस होने से अब सपा आरती और भाजपा की आशा देवी के बीच सीधा मुकाबला होगा।
जिला पंचायत अध्यक्ष की आरक्षित चुनाव के लिए पहली जनवरी को तीन नामांकन हुए थे। इसमें सपा की ओर से पूरनपुर विधायक की पुत्रवधू आरती और विधायक की अनुज वधू मालती देवी वहीं भाजपा (मेनका गुट) की ओर से आशा देवी का नामांकन कराया था। नामांकन के दिन ही माना जा रहा था कि सपा की ओर से मालती देवी का नामांकन डमी प्रत्याशी के रूप में कराया गया था।
सोमवार को मालती देवी अधिवक्ता अमित पाठक के साथ कलेक्ट्रेट पहुंची और डीएम न्यायालय पहुंचकर अपना नामांकन वापस ले लिए। मालती देवी के नामांकन लेने के साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव की स्थिति स्पष्ट हो गई है। अब अध्यक्ष के चुनाव के लिए सपा की आरती और भाजपा की आशा देवी के बीच मुकाबला होगा।
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सात को होगा मतदान
जिला पंचायत अध्यक्ष में प्रत्याशियों की स्थिति स्पष्ट होने के बाद सात जनवरी को मतदान होना है। इसके लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के एआरओ अजयकांत सैनी ने बताया कि बैलेट पेपर तैयार कराया जा रहा है। सात को कलेक्ट्रेट परिसर में ही मतदान प्रक्रिया संपन्न कराई जाएगी।
बैलेट पर ऊपर रहेगा आरती का नाम
जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के लिए तैयार हो रहे बैलेट पेपर में आरती देवी का नाम ऊपर रहेगा जबकि आशा देवी का नाम दूसरे नंबर पर रहेगा। दरअसल दोनों ही प्रत्याशियों के नाम का पहला अक्षर आ से शुरू हो रहा है। इसलिए बैलेट पेपर में इनके क्रम का निर्धारण करने के लिए हिन्दी और अंग्रेजी वर्णमाला का सहारा लेकर नाम के दूसरे अक्षरों को शामिल किया गया। इसमें आरती के नाम में आ के बाद दूसरा अक्षर र पहले आ रहा है जबकि आशा के नाम में आ के बाद दूसरा अक्षर शा काफी बाद में आता है। इस प्रकार बैलेट पेपर में आरती का नाम पहले और आशा का नाम दूसरे नंबर पर रखा गया है।
प्रत्याशी के नाम के आगे लिखनी होगी वरीयता
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए सात जनवरी को होने वाले चुनाव में मतदाताओं (जिला पंचायत सदस्यों) को मतदान के लिए प्रत्याशियों के नाम के आगे वरीयता क्रम एक व दो लिखना होगा।