पूरनपुर के गांव पिपरिया दुलई में निर्माणाधीन कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय भवन का निरी?
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पूरनपुर। मंडलायुक्त सेल्वा कुमारी जे. ने उत्तराखंड में नानक सागर डैम बनने के बाद विस्थापित परिवारों को पुनर्वासित कराने को लेकर बाढ़, सिंचाई, वन विभाग के अफसरों के साथ शनिवार को एसडीएम कार्यालय में बैठक की। उन्होंने कहा कि नियमानुसार विस्थापितों को बसाया जाए। संपूर्ण समाधान दिवस में फरियादियों की समस्याओं को समयनुसार निस्तारण कराने के निर्देश दिए। गांव पिपरिया दुलई में निर्माणाधीन कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय भवन और हॉस्टल का निरीक्षण कर समय पर निर्माण पूरा कराने के निर्देश दिए।
उत्तराखंड में नानक सागर डैम बनने पर किसानों की जमीन अधिग्रहीत होने पर विस्थापित कई परिवारों को हजारा थाना के बमनपुर भागीरथ और टांटरगंज में जंगल की जमीन पर बसा दिया गया था। हाल में कराए गए सर्वे में क्षेत्र में 23 विस्थापित परिवार पाए गए। विस्थापितों को अब तक जमीन पर मालिकाना हक नहीं मिल सका है। शनिवार को मंडलायुक्त ने एसडीएम कार्यालय में बाढ़, सिंचाई, वन विभाग के अफसरों के साथ बैठक कर पूरे मामले की जानकारी की। कहा कि विस्थापित परिवारों को नियमानुसार बसाया जाए। अगर जमीन पर कहीं कब्जे हैं तो उसे कब्जा मुक्त कराया जाए।
इसके बाद मंडलायुक्त ने तहसील सभागार में संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचकर फरियादियों की समस्याएं सुनीं। गांव पिपरिया दुलई पहुंचकर निर्माणाधीन कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय भवन और हॉस्टल का निरीक्षण किया। समय पर निर्माण पूरा कराने के निर्देश अधीनस्थों को दिए। उन्होंने बताया कि 315 लाख रुपये की लागत से स्कूल भवन और हॉस्टल का निर्माण हो रहा है। निर्माण का जिम्मा यूपीपीसीएल को सौंपा है। भवन को समय और गुणवत्तापरक बनाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद वह गुुलाबटांडा गांव स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज पहुंची। यहां उन्होंने निर्माणाधीन गर्ल्स हॉस्टल के काम को देखा और इसमें गति लाने के निर्देश दिए।