पीलीभीत। मंगलवार तड़के चार बजे से दोपहर दो बजे तक मूसलाधार बारिश से शहर की मुख्य सड़कें तालाब बन गईं। वल्लभनगर और अन्य मोहल्लों में सड़क पर बह रहा पानी घरों में घुस गया। जिला अस्पताल, क्षय रोग केंद्र और अन्य कार्यालयों में बारिश का पानी भर गया। डीएम ज्ञानेंद्र सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व ऋतु पूनिया और सिटी मजिस्ट्रेट ने शहर में भ्रमणकर जलभराव की स्थिति देखी। नगरपालिका ईओ को निर्देशित किया। जलभराव से पालिका के नाला निर्माण और नाला सफाई पर सवाल खड़े हुए हैं।
पिछले तीन दिनों से जिले में रुक-रुककर हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मंगलवार को लगातार 10 घंटे हुई बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. एसएस ढाका ने बताया कि मंगलवार को जिले में 35 मिमी बारिश रिकाॅर्ड की गई है। पिछले तीन दिनों में यह आंकड़ा 68 मिमी पहुंच गया है।
एक से दो फुट तक भरा सड़कों पर पानी
शहर की वल्लभनगर कॉलोनी, अशोक कॉलोनी, निरंजनकुज कालोनी, गोदावरी स्टेट की सड़कों पर एक फुट से अधिक पानी भर गया। छतरी चौराहे से स्टेशन मार्ग पर कुछ स्थानों पर करीब डेढ़ से दो फुट तक पानी भर गया। छोटी गाड़ियों के पहिए डूब जा रहे थे। शिवनगर, एकता नगर, सुनगढ़ी, नई बस्ती, आवास विकास आदि मोहल्लों की सड़कों पर भी जलभराव हुआ। गौहनिया चौराहे से नगरपालिका जाने वाली सड़क पर भी एक फुट से अधिक पानी भर गया।
पानी से गुजरे मरीज, पंपिग सेट से निकाला गया जल निगम कार्यालय का पानी
जिला अस्पताल में हुए जलभराव से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। गेट से लेकर इमरजेंसी, ब्लड बैंक, सेंट्रल जांच लैब और अन्य स्थानों पर मरीज पानी से होकर गुजरते दिखे। महिला दवा काउंटर के पास से वार्ड को जाने वाले बरामदे में छत से पानी टपकता दिखा। ऑपरेशन कक्ष से पहले भी पानी टपक रहा था। जिला क्षय रोग केंद्र मंगलवार को भी तालाब बना रहा। मृदा परीक्षण कार्यालय परिसर और गेट तक तालाब जैसा पानी भरा दिखा। जल निगम कार्यालय परिसर में भरे पानी को दो पंपिंग सेट लगाकर निकलवाया गया। आपदा राहत कार्यालय की दीवार से पानी रिसता दिखा।
भीगते पहुंचे फरियादी, कृषि भवन में कम दिखे कर्मचारी
बारिश की वजह से विकास भवन में सन्नाटा नजर आया। वहीं, दोपहर 12 बजे कृषि भवन के कार्यालयों में कर्मचारियों की कुर्सी खाली दिखी। किसान सम्मान निधि की जानकारी करने के लिए पकड़िया नौगवां के अहमद नबी भीगते हुए साइकिल से कृषि भवन पहुंचे थे। उप निदेशक कृषि कार्यालय के समीप दीवार से पानी टपकता नजर आया। लोक निर्माण विभाग के शिविर कार्यालय में भी प्रशासनिक अधिकारी के कक्ष में कुर्सी खाली थी।
निरीक्षण पर निकले डीएम, नाले की सफाई में जुटे कर्मचारी
शहर में जगह-जगह जलभराव की सूचना पर डीएम ज्ञानेंद्र सिंह और एडीएम ऋतु पूनिया ने शहर का भ्रमण किया। अशोक काॅलोनी के बाद अफसर डिग्री कॉलेज चौराहे पर पहुंचे। यहां नालों को अब तक जोड़ा नहीं जा सका है। इसके बाद डीएम गांधी स्टेडियम पहुंचे। डीएम के आने की जानकारी पर नगरपालिका की ओर से कर्मचारियों को लगाकर नाले की सफाई शुरू कराई गई। सुनगढ़ी निवासी युवक ने मोहल्ले में जलभराव की शिकायत की। इसके बाद डीएम ने नगरपालिका और स्टेशन मार्ग का निरीक्षण किया। नालों की सफाई को लेकर नाराजगी व्यक्त की। नगरपालिका ईओ को जरूरी निर्देश दिए। स्टेडियम में पानी भरने की समस्या के जल्द समाधान की बात कही। सिटी मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर भी साथ रहे।
शहर के ड्रमंड कॉलेज मैदान में भरे पानी में खेलते बच्चे संवाद
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