पीलीभीत। शहर के विभिन्न इलाकों में नालों की सफाई करने के बाद पालिका कर्मियों ने सिल्ट और अन्य गंदगी सड़क के किनारे छोड़ दी। इससे उठने वाली दुर्गंध से राहगीर परेशान हैं। कोरोना संक्रमण काल में संक्रामक रोग फैलने की आशंका भी बढ़ गई है। कुछ जागरूक नागरिकों ने नगरपालिका में जाकर जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत भी की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिससे लोगों में रोष है।
बरसात शुुरू होने से पहले नगरपालिका को छोटे बड़े सभी नालों की सफाई करानी थी। इस बार मानसून जल्दी आने की भविष्यवाणी के बीच आननफानन में नालों की सफाई का काम शुरू कराया गया। ठेकेदार ने मनमानी तरीके से नालों की सफाई की खानापूरी करके सिल्ट सड़कों पर जमा कर दी। ज्यादातर नालों की तली झाड़ सफाई नहीं हुई है। मोहल्ला मोहम्मद फारूख, गांधी स्टेडियम रोड, गौहनिया चौराहा, डिग्री कॉलेज चौराहा, बागगुलशेर खां लेखराज चौराहा समेत कई इलाकों में नालों की सफाई की सिल्ट और कूड़ा सड़क के किनारे छोड़ दिया गया। इसे राहगीरों को आवागमन में दिक्कत आ रही है। गांधी स्टेडियम रोड से गुजरने वाले एक राहगीर ने गंदगी को लेकर नगरपालिका स्टॉफ से शिकायत भी की, मगर हल नहीं निकला। नगरपालिका की उदासीनता के चलते नाले से निकाली गई सिल्ट को सूख जाने के बाद भी नहीं हटाया गया है।
नाला सफाई होने के बाद सिल्ट को सूखने के बाद हटाया जाता है। अगर कहीं पर सिल्ट पड़ी रह गई है, तो यह गलत है। सफाई निरीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वह रोड पर पड़ी शिल्ट तुरंत हटवाएं। - निशा मिश्रा, अधिशासी अधिकारी