ग्राम अधकटा में प्रदर्शन करते ग्रामीण । संवाद
बरखेड़ा। श्रीराम शोभायात्रा में खंभा गिरने से महिलाओं की मौत होने के बाद ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए गांव में प्रदर्शन कर नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना है कि इन जर्जर खंभों से एक साल पहले ही बिजली की लाइनें हटा ली गईं थीं। मगर, खंभे नहीं हटाए गए। अगर इन्हें हटवा लिया जाता तो हादसा होने से बच जाता।
गांव अधकटा में बृहस्पतिवार की दोपहर लगभग दो बजे श्रीराम शोभायात्रा के दौरान सड़क किनारे लगा खंभा ट्रॉली की टक्कर में गिर गया था। खंभे से दबकर शोभायात्रा में शामिल दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गई। शुक्रवार को ग्रामीणाें ने गांव में ही बिजली निगम के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की।
ग्रामीणों का आरोप था कि इस खंभे से बिजली की लाइनें लगभग एक वर्ष पूर्व ही हटा ली गईं थीं। इसके बाद भी जर्जर पोल यहां से नहीं हटाए गए। गांव के सूरजपाल ने बताया कि कई बार अधिकारियों को अवगत भी कराया जा चुका है। बावजूद इसके ध्यान नहीं दिया गया। मौजूदा समय में गांव में नए खंभे लगाए जा रहे हैं। तब भी ग्रामीणों ने पुराने जर्जर खंभों को हटाने के लिए कहा, लेकिन निगम के कर्मचारियों ने ध्यान नहीं दिया। इसके चलते गांव में बड़ा हादसा हो गया।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर अब भी निगम ने समस्या पर समाधान नहीं दिया तो वह लोग आंदोलन करेंगे। प्रदर्शन करने वालों में शिवकुमार, भगवानदास, अनिल कुमार, पिंकी देवी आदि ग्रामीण शामिल रहे। इधर, थानाध्यक्ष मृदुलकांत शुक्ला ने बताया कि खंभा गिरने से दो महिलाओं की मौत के मामले में अभी उनके पास कोई तहरीर नहीं आई है।
इस दुर्घटना में विभाग का कोई दोष नहीं है। ट्रैक्टर की टक्कर लगने से खंभा गिरा है, स्वत: नहीं। निष्प्रयोजन खंभों को हटाने की कोई शिकायत नहीं आई है। गांव में 16-17 ऐसे खंभे लगे हैं, शिकायत आएगी तो निस्तारण कराया जाएगा। - सुखपाल, अवर अभियंता