अपर सत्र न्यायाधीश विनय कुमार ने डीआईजी बरेली परिक्षेत्र बरेली को कोर्ट में विचाराधीन मामलों में गवाह हाजिर कराने का आदेश दिया है। चार मामलों में भेजे गए पत्रों में कोर्ट ने कहा है कि पुलिस की लापरवाही से गवाही नहीं हो पा रही है।
अपर सत्र न्यायाधीश विनय कुमार की अदालत में थाना कोतवाली का अकील उर्फ फफूटा पर एनडीपीएस एक्ट, प्रीति अवस्थी पर शहर कोतवाली का आत्महत्या को मजबूर करने का, थाना माधोटांडा क्षेत्र के सर्वेश पर एनडीपीएस एक्ट का केस चल रहा है। इसी कोर्ट में थाना सुनगढ़ी में धोखाधड़ी, कॉपीराइट एक्ट आदि का एक केस प्रेमपाल आदि पर चल रहा है। इसमें भी थाना इज्जतनगर में तैनात दरोगा गवाही को नहीं आ रहे हैं।
कोर्ट ने डीआईजी बरेली को चारों मुकदमों का अलग अलग हवाला देते हुए इस बात पर नाराजगी जताई है कि थाना पुलिस की लापरवाही के कारण इन गंभीर मुकदमों में भी गवाही नहीं हो पा रही है। इन मुकदमों में साक्षियों के लिए जारी सम्मन आदि भी तामील और गैर तामील अदालतों को वापस नहीं आ रहे हैं, जो ठीक नहीं है। पुलिस गवाहों को हाजिर करने में रूचि नहीं दिखा रही है।
कोर्ट ने आदेश किया है कि हर हाल में अदालत में इन मामलों के गवाह पेश किए जाए। प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता अपराध काजी रिफाकत हुसैन फरहान की कहना है कि कोर्ट में गवाह पेश करना पुलिस की जिम्मेदारी है। पुलिस की लापरवाही के कारण ही मामलों का त्वरित निस्तारण नहीं हो पा रहा है।