गन्ना कृषक महाविद्यालय भवन । संवाद
पूरनपुर। गन्ना कृषक स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बीए चतुर्थ सेमेस्टर की हिंदी साहित्य की मौखिक परीक्षा में गैरहाजिर कई विद्यार्थियों के उपस्थितपत्रक पर फर्जी हस्ताक्षर कर उनके अंक विश्वविद्यालय के पोर्टल पर अपलोड कर दिए गए। प्रमुख सचिव शासन, कुलपति से शिकायत के बाद कुलपति के आदेश पर परीक्षा नियंत्रक ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। जांच के बाद गड़बड़ी के आरोपियों पर कार्रवाई की तैयारी है।
परीक्षाओं में नकल न हो इसके लिए सरकार की ओर से समय-समय पर दिशा निर्देश जारी होते है। मगर गन्ना कृषक स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बीए चतुर्थ सेमेस्टर के हिंदी साहित्य की मौखिक परीक्षा में गैरहाजिर रहे विद्यार्थियों को हाजिर दिखाकर उनके अंक विश्वविद्यालय के पोर्टल पर अंकित कर दिए गए। फर्जीवाड़े का खुलासा पांच जून को लंबे अवकाश के बाद महाविद्यालय पहुंचे प्राचार्य के निरीक्षण में हुआ।
प्राचार्य डॉ. सुधीर कुमार शर्मा ने बताया कि अवकाश से लौटने पर पता चला कि महाविद्यालय में बीए चतुर्थ सेमेस्टर के हिंदी साहित्य की मौखिक परीक्षा चल रही थी। निरीक्षण के समय 298 विद्यार्थियों में करीब आधे विद्यार्थी ही उपस्थित थे। गैरहाजिर विद्यार्थियों की अनुपस्थिति दर्ज करने के लिए उन्होंने आंतरिक परीक्षक को निर्देश दिए। आरोप है कि आंतरिक परीक्षक ने मात्र 27 विद्यार्थियों को गैरहाजिर दर्शाया।
अन्य गैरहाजिर विद्यार्थियों की उपस्थित पत्रक पर फर्जी हस्ताक्षर कर उनको उपस्थित दिखाकर नंबर विश्वविद्यालय के पोर्टल पर अपडेट कर दिए। प्राचार्य ने कुलपति, प्रमुख सचिव शासन आदि को पत्र भेजकर प्रकरण की जांच कराने और मौखिक परीक्षा को निरस्त कराने की मांग की। इसके बाद जांच शुरू की गई है। जांच समिति में उप कुलपति (परीक्षा) और दो महाविद्यालयों के प्राचार्यों को शामिल किया गया है।