पीलीभीत। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के कार्यकर्ताओं ने गन्ना ब्याज के पिछले 30 वर्षों के विवरण की मांग को लेकर शनिवार को जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय पर दोबारा धरना शुरू किया। दोपहर तक कोई अधिकारी वार्ता के लिए नहीं पहुंचे तो बारिश के बावजूद किसान धरनास्थल पर डटे रहे। बाद में चक्काजाम की चेतावनी दिए जाने पर जिला गन्ना अधिकारी ने पहुंचकर किसानों से वार्ता की और समस्या के समाधान के लिए तीन सितंबर तक का समय मांगा।
संगठन की ओर से 20 अगस्त को भी जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय पर एक दिवसीय धरना दिया गया था। उस दौरान किसानों ने 29 अगस्त तक गन्ना ब्याज से संबंधित पिछले 30 वर्षों का पूरा विवरण उपलब्ध कराने की मांग की थी। शनिवार को निर्धारित समय सीमा पूरी होने पर संगठन के पदाधिकारी और किसान फिर गन्ना अधिकारी कार्यालय पहुंच गए। धरने के दौरान दोपहर तक किसी अधिकारी के वार्ता के लिए नहीं पहुंचने पर किसानों में नाराजगी बढ़ गई। इस दौरान कांग्रेस पार्टी और अपना दल कमेरावादी के पदाधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर किसानों के आंदोलन को समर्थन दिया।
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के मंडल संयोजक मोहम्मद साबिर और गुल्लू पहलवान ने कहा कि यदि तीन सितंबर तक किसानों को ब्याज का पूरा विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया तो आठ सितंबर से दोबारा धरना शुरू किया जाएगा। संवाद