पीलीभीत। पहले से तय प्लान के हिसाब से एक अक्तूबर से धान खरीद शुरू हो गई। प्रशासन की ओर से खरीद के लिए बनाए गए 166 क्रय केंद्रों पर पहले के वर्षों की तरह इस बार भी पहले दिन सन्नाटा छाया रहा। धान खरीद का खाता भी नहीं खुल सका। मगर, इसके विपरीत मंडी में आढ़तें गुलजार दिखीं। सरकारी समर्थन मूल्य 1868 रुपये प्रति क्विंटल के स्थान पर आढ़तियों ने किसानों का धान 1350 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा। आढ़तियों ने धान में नमी की मात्रा अधिक बताकर किसानों से 500 रुपये प्रति क्विंटल से ज्यादा दाम कम कर दिए।
पहले दिन बृहस्पतिवार को सरकारी धान खरीद की रफ्तार आगे नहीं बढ़ी। पूरे जनपद में किसी भी क्रय केंद्र पर धान की खरीद नहीं हुई। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में क्रय केंद्र सूने पड़े रहे। हालांकि क्रय केंद्र पर ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को इसका पहले से आभास भी था। ऐसे में वह भी क्रय केंद्रों पर किसी तरह समय काटते दिखे।
नवीन मंडी समिति में कुछ क्रय केंद्रों पर किसान धान की नमी मात्रा चेक कराने पहुंचे। मगर, यहां सभी किसानों के धान में नमी की मात्रा 20 से अधिक आई। सरकारी क्रय केंद्र तो सूने पड़े रहे, मगर आढ़तों पर धान की आवक दिखी। वहां पर समर्थन मूल्य से काफी कम में धान खरीदा गया।
धान खरीद में बीते कई साल से माफियाराज हावी है। किसानों के धान खरीद के नाम पर राइस मिलर्स और माफिया साठगांठ कर करोड़ों रुपये के वारे-न्यारे करते रहे हैं। बीसलपुर के एक माफिया का नाम तो जगजाहिर है। सपा सरकार में माफिया को तत्कालीन सरकार के मंत्री तो भाजपा सरकार में दिग्गत नेताजी का संरक्षण है। पिछले साल तो एक अफसर ने तमाम क्रय केंद्र शाहजहांपुर के कटरा की फर्म के माध्यम से दिलाकर बड़े पैमाने पर धान खरीद कराई थी। मगर, इस बार डीएम पुलकित खरे ने धान खरीद में माफिया पर शिकंजा कसा है। जिलाधिकारी किसान का धान समर्थन मूल्य पर खरीद कराने के लिए संजीदा हैं। प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां भी की गई हैं। इसके लिए 166 क्रय केंद्र बनाए गए हैैं। सभी पर प्रशासन की सीधी निगाह रखने का दावा भी है। सुबह नौ से शाम पांच बजे तक क्रय केंद्रों पर खरीद होनी है। डीएम ने निर्धारित समय पर क्रय केंद्र बंद मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दे रखी है।
उपनिदेशक मंडी ने केंद्रों का किया निरीक्षण
पूरनपुर। सर्वाधिक खाद्यान्न उत्पादन वाली तहसील में धान की खरीद का आधा लक्ष्य यहीं से पूरा होता है। सर्वाधिक खरीद केंद्र भी इसी तहसील क्षेत्र में बनते हैं। इस बार मंडी समिति में तीन धान खरीद केंद्र सहित 55 धान खरीद केंद्र स्वीकृत किए गए हैं। पहले दिन अधिकांश खरीद केंद्र पर अव्यवस्थाएं दिखीं। उपनिदेशक मंडी शिवमगंल चंदेल ने दोपहर में मंडी समिति पहुंचकर क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। मंडी की ओर से मिलने वाले पंखा, नमी मीटर आदि की जानकारी ली। एफसीआई धान खरीद केंद्र के प्रभारी ने धान में नमी अधिक होने की जानकारी देकर आठ दिन बाद खरीद शुरू करने की बात कही। आरएफसी खरीद केंद्र प्रभारियों ने मानक के अनुरूप धान आने पर खरीद करने की बात बताई।
कर्मचारी गायब, माफिया मौजूद
पूरनपुर मंडी समिति में लगाए गए खाद्य विभाग के द्वितीय धान खरीद केंद्र पर बैनर लगा था। कांटा और कुर्सियां भी पड़ी थी। मगर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। कुर्सियों पर माफिया जरूर किसानों के इंतजार में थे, ताकि उनका औने-पौने दामों में धान का सौदा किया जा सके।
क्रय केंद्र पर सूखता मिला धान
मंडी में खाद्य विभाग के प्रथम धान खरीद केंद्र पर बैनर टगा था। कांटा, नमी मापक मीटर आदि थे। क्रय केंद्र प्रभारी भी मौजूद थे। केंद्र के समीप टीनशेड के बाहर धान सूख रहा था। कोई किसान मौके पर नहीं था। केंद्र प्रभारी ने बताया कि एक किसान का धान आया है। नमी अधिक होने से उसे सुखवाया जा रहा है।
कांटा, बाट और बोरे भी नहीं पहुंचे
अफसर भले ही सभी क्रय केंद्र खुलने का दावा कर रहे हों, मगर हकीकत है कि देहात में स्वीकृत अधिकांश धान खरीद केंद्रों पर बृहस्पतिवार को न तो बैनर पहुंचा, न ही कांटा, बाट और बोरे। क्रय केंद्रों पर अव्यवस्थाएं पूरी तरह से हावी दिखी। कई जगह किसान भटकते दिखे।
माफिया का आ गया सीजन
धान खरीद केंद्रों पर साधारण किसान को धान में नमी होने की बात कहकर टरकाने की परंपरा पुरानी है। मजबूरन किसानों को औने-पौने दामों में आढ़तियों को धान बेचना पड़ता है। यह सीजन किसान के बजाय धान माफिया का है। - श्रीपाल, किसान घुंघचाई
किसान लुटता है, माफिया की मौज
धान खरीद में खेल के लिए माफिया कई दिन पहले से तैयारी शुरू कर देते हैं। कोई अफसर सख्त आ भी गया, तब उसका तोड़ निकालने की जुगाड़ में लग जाते हैं। हर साल धान की सीजन में किसानों की गाढ़ी कमाई लूट कर माफिया मौज करते है।- गोविंद मिश्र, किसान महुआगुंदे
10 अक्तूबर से धान की आवक बढ़ने की उम्मीद
बीसलपुर। तहसील क्षेत्र में विभिन्न एजेंसियों के 31 राजकीय धान क्रय केंद्र स्वीकृत हुए हैं। प्रधान मंडी स्थल में दोनों राजकीय धान क्रय केंद्र खुल गए हैं। पहले दिन क्रय केंद्र पर कोई किसान नहीं पहुंचा। धान की कटाई काफी बिलंब से होती है। इसलिए क्रय केंद्रों पर 10 अक्तूबर से पहले धान नहीं आ पाता है। 10 अक्तूबर के बाद क्रय केंद्रों पर धान खरीद की उम्मीद जताई जा रही है।
समस्त क्रय केंद्रों पर व्यवस्थाएं सुचारु कराई गई हैं। कहीं कोई कमी मिलती है, तो उसे भी सुधरवाया जाएगा। पारदर्शिता के साथ धान खरीद कराई जाएगी। पहले दिन धान की खरीद नहीं हुई है। - डॉ. अविनाश झा, डिप्टी आरएमओ
मंडी की आढ़त पर लगी धान की आवक- फोटो : PILIBHIT