पूरनपुर। किसान मजदूर संगठन के संयोजक और किसान नेता वीएम सिंह ने बुधवार को कहा कि किसानों को अपने हक की लड़ाई खुद लड़नी होगी। धान खरीद पर माफिया और बिचौलिए हावी हैं। अफसर सेंटर पर धान तुलवाने के लिए रिश्वत मांगते हैं। किसान नेता ने कहा कि किसान किसी अफसर को रिश्वत न दें। अगर कोई रिश्वत मांगे तो डंडा उठाएं। धान का एक-एक दाना तुलेगा।
वीएम सिंह ने कहा कि कि जब तक अपनी पार्टी नहीं बनाते, तब तक ऐसे ही परेशान होते रहेंगे। 20 साल पहले धान खरीद की लड़ाई पूरनपुर से शुरू हुई थी। तब पूरनपुर मंडी में 16 खरीद केंद्र लगाए गए थे। आज भी कोर्ट का आदेश बरकरार है मगर मंडी में 16 के बजाय तीन केंद्र खोले गए। किसान नेता ने एसडीएम को कोर्ट का आदेश देकर कहा कि आदेश का पालन न होने पर वह कोर्ट की अवमानना का मामला दायर करेंगे। धान खरीद की हकीकत परखने के लिए बुधवार को पीलीभीत पहुंचे किसान नेता वीएम सिंह मंडी पहुंचे। धीमी खरीद और मात्र तीन क्रय केंद्र होने पर नाराजगी जताई। प्रभारी से बात की और फिर एसडीएम राजेंद्र प्रसाद को मौके पर बुलवाया।
वीएम सिंह ने कोर्ट के आदेश की प्रति एसडीएम को सौंपते हुए कहा कि कोर्ट का आदेश बरकरार है। मंडी में 16 धान क्रय केंद्र होने चाहिए थे। एसडीएम ने डिप्टी आरएमओ से मोबाइल पर बात करके पांच खरीद केंद्र बृहस्पतिवार से बढ़वाने का आश्वासन दिया। वीएम सिंह ने कहा कि प्रत्येक खरीद केंद्र पर तीन कांटे लगवाए जाएं। प्रति क्रय केंद्र 900 क्विंटल धान खरीदा जाए। उसके बाद अन्य केंद्र भी बढ़ाए जाएं। अगर कोर्ट के आदेश की अवहेलना हुई तो अवमानना का मामला दायर होगा। अधिकारियों ने धान खरीद पारदर्शिता से कराने का आश्वासन दिया। भाकपा (माले) नेता कृष्णा अधिकारी, देवाशीष राय, सईद अहमद खां ने भी विचार रखे।
एमएसपी को लेकर प्रधानमंत्री पर साधा निशाना
वीएम सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। कहा कि कहा कि एमएसपी देने बात प्रधानमंत्री ने की लेकिन हालात देखकर विश्वास नहीं होता। प्रधानमंत्री ने कर्ज माफी की बात कही, वह भी नहीं हुई। खातों में धनराशि आने की बात भी झूठी साबित हुई। जब चौकीदार काम नहीं करता है तो किसान उसे बाहर निकाल देता है। उन्होंने कहा कि जितना एमएसपी है, उतना ही किसान को मिले या फिर डीजल, खाद के दाम आधे किए जाएं।
महंगाई पर भी सरकार को घेरा
वीएम सिंह ने कहा कि किसानों ने भाजपा को राष्ट्रवाद के नाम पर वोट दिया था मगर डीजल के दाम एक महीने में 20 रुपये बढ़ा दिया। गन्ने पर ्मात्र 10 रुपये क्विंटल बढ़ाए गए। गन्ने का दाम 450 रुपये क्विंटल होना चाहिए। किसान को फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य भी नहीं मिलता।
मंडी समिति में धान खरीद केंद्र पहुंचे वीएम सिंह खरीद केंद्र इंचार्ज से जानकारी लेते हुए।- फोटो : PILIBHIT