नावकूड़ गांव में घरों के नजदीक कटान करती देवहा नदी। स्रोत ग्रामीण
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पीलीभीत। शहर से सटे नावकूड़ गांव की सीमा में देवहा नदी ने जलस्तर कम होते ही कटान तेज कर दिया है। नदी की जद में तीन ग्रामीणों के घर आ गए। खतरे को देखते हुए तहसील प्रशासन ने पुलिस की मदद से घरों को खाली करा दिया। जरूरी सामान को गांव के एक स्कूल में शिफ्ट कराया गया है। नदी के कटान से ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई वर्षों की मांग के बाद भी गांव में स्थायी बचाव कार्य नहीं कराए जा सके।
पिछले दिनों लगातार हुई बारिश के बाद देवहा नदी का उफना गई थी। ड्यूनी डैम से 56 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद हालत बिगड़ थे। शहर के निचले इलाके बाढ़ के प्रकोप में आ गए थे। इसमें नावकूड़ गांव भी शामिल रहा था। नदी का जलस्तर शनिवार से कम होने लगा। जलस्तर कम होते ही नदी ने कटान शुरू कर दिया।
नावकूड़ गांव की सीमा में भी नदी तेजी से कटान कर रही है। गांव की सीमा में करीब तीन ग्रामीणों के घर कटान की जद में आ गए। यहां नदी कटान करते हुए घरों के बिल्कुल नजदीक पहुंच गई। जानकारी पर तहसील प्रशासन भी सतर्क हुआ। शनिवार को एसडीएम ने राजस्व और पुलिस टीमों के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति को परखा। इसके बाद कटान की जद में आए तीन घरों को खाली कराने का निर्णय लिया गया। घरों के जरूरी सामान को निकालकर गांव के एक स्कूल में शिफ्ट कराया गया। कटान की जद में ग्रामीण होरी लाल, हीरा लाल व एक अन्य ग्रामीण का घर आया है।
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ग्रामीणों का आरोप, एक माह पूर्व खतरे बढ़ने पर जिम्मेदारों ने नहीं दिया ध्यान
नावकूड़ गांव के लोगों का कहना है कि नदी हर साल कटान कर आबादी की ओर बढ़ रही है। कटान रोकने के लिए कई सालों से बाढ़ बचाव कार्य कराने की मांग की जाती है। इसके लिए पत्राचार भी किए गए, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हो सकी। इससे नदी का खतरा बढ़ गया है। नदी तीन घरोंं के नजदीक पहुंच चुकी है।
घर बचाने को अस्थायी कार्य कराने के शुरू किए प्रयास
तीन घरों के नदी की जद में आने पर प्रशासन सतर्क हुआ। रविवार को बाढ़ खंड की ओर से गांव में अस्थायी कार्य शुरू करा दिए गए। इसके लिए कट्टों में मिट्टी भरकर डलवाने के साथ ही परकोपाइन लगाने का कार्य भी शुरू कराया गया है। हालांकि ग्रामीण ठोस कार्य कराने की मांग कर रहे हैं।