दूसरे चरण के पंचायत चुनाव में युवा वोटरों ने भी बड़ी तादाद में मतदान कर अपनी ताकत का अहसास कराया। वोटिंग करने पहुंचे युवा वोटरों का कहना था कि अभी तक प्रधान अपने स्वार्थ के लिए चुनिंदा जगह विकास कार्य कराते थे, लेकिन अब विकास न कराने पर उनसे सवाल-जवाब किए जाएंगे। अधिकतर युवा मतदाता गांव में समुचित विकास के पक्षधर दिखे।
मंगलवार को गौनेरा मतदान केंद्र पर पहुंची नीरज कहती हैं कि अभी तक वोटिंग का महत्व नहीं पता था, लेकिन अब वोट की ताकत पता चली है। मैंने ऐसे प्रत्याशी को वोट किया है जो ईमानदारी से गांव का विकास कराए। इसी गांव की रुबी का कहना है कि गांवों की हालत पहले से भी बदतर होती जा रही है। जहां जहां प्रधान व ग्रामीण जागरूक हैं, वह गांव धीरे-धीरे कस्बे में बदलते जा रहे हैं। इसको लेकर ग्रामीणों को जागरूक होना पड़ेगा। यदि जागरूक नहीं हुए तो पूरे पांच साल परेशानियों के बीच गुजारने होंगे। टोडरपुर निवासी रचना भी अपनी सहेली के साथ मतदान केंद्र पर वोट डालने पहुंची। उन्होंने कहा कि अब शहर कस्बों की तर्ज पर गांव का विकास होना चाहिए। बिजली भी शहर की तरह की मिलनी चाहिए। इन सबको देखते हुए ही ऐसे प्रत्याशी को वोट किया है जो यह सभी मूलभूत सुविधाएं दिला सके। कुकरीखेड़ा मतदान केंद्र पर वोट डालने पहुंचे आयुष कहते हैं कि युवा जोश में हैं। अब उन्हें अपनी ताकत को अहसास हो चुका है। हमने ऐसे उम्मीदवार को वोट किया है जो ईमानदारी और लोगों की राय से गांव का समुचित विकास कराए।