शहर के ब्रह्मचारी घाट पर देवहा के कटान से क्षतिग्रस्त भाग। संवाद
पीलीभीत। हर साल बाढ़ का सामना करने वाले शहर और सीमावर्ती क्षेत्र में इस बार भी हालात जस के तस हैं। पिछले वर्ष देवहा नदी के विकराल रूप से दहशत झेल चुके शहर और उसे सटे इलाके लोगों को अब तक राहत नहीं मिल सकी है।
प्रशासनिक दावों के बावजूद बाढ़ नियंत्रण कार्य शुरू न होने से आगामी बरसात को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि, विभाग की ओर से अगले माह कार्य शुरू करने का दावा किया जा रहा है।
जिले में देवहा और शारदा नदी हर साल बरसात के मौसम में उफान पर आकर सैकड़ों लोगों के लिए मुसीबत खड़ी कर देती हैं। पिछले वर्ष भी 60 हजार क्यूसेक पानी पास होने के बाद देवहा नदी ने शहर से सटे ब्रह्मचारी घाट और नावकूड़ गांव की सीमा में कटान कर लोगों की धड़कनें बढ़ा दी थीं।
शहर के कई इलाकों में जहां कई दिनों तक बाढ़ की स्थिति बनी थी, वहीं नावकूड़ गांव में कई घर नदी की जद में आ गए थे। इससे प्रशासन को आनन-फानन में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजना पड़ा था। बाढ़ के बाद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंचकर स्थायी समाधान के लिए जल्द कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया था। बाढ़ खंड ने संवेदनशील स्थानों का सर्वे कर प्रस्ताव भी तैयार किए, लेकिन बरसात खत्म हुए लंबा समय बीत जाने के बाद भी धरातल पर काम शुरू नहीं हो सका है। अब जबकि अगली बरसात में महज करीब तीन माह का समय बचा है, ऐसे में यह आशंका जताई जा रही है कि यदि अब कार्य शुरू भी होता है तो उसे समय पर पूरा कर पाना मुश्किल होगा।